साल का पहला सूर्य ग्रहण 2026: इन राशियों के लिए चेतावनी, इन पर होगी किस्मत मेहरबान!

kanishk Omasttro
0

 

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 2026 सिर्फ़ आसमान में दिखने वाली घटना नहीं है, बल्कि ज्योतिष के अनुसार इसका असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है। यह ग्रहण कई लोगों के लिए सोचने-समझने का समय लेकर आता है, तो कुछ के लिए अचानक बदलाव का संकेत देता है। ऐसे समय में मन थोड़ा बेचैन रह सकता है और लिए गए फैसलों पर दोबारा सोचने की ज़रूरत पड़ सकती है। 

यह पहला सूर्य  ग्रहण कुछ राशियों के लिए काम, पैसे और रिश्तों से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है, जबकि कुछ लोगों को इससे राहत, शांति और नई उम्मीद महसूस हो सकती है। आने वाले दिनों में किसी को संभलकर कदम रखने की ज़रूरत होगी, तो किसी के लिए हालात धीरे-धीरे बेहतर होते दिखेंगे। ऐसे में जानना ज़रूरी है कि यह सूर्य ग्रहण आपके लिए परेशानी लेकर आ रहा है या सुकून और राहत का संदेश दे रहा है। तो चलिए एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग में आगे बढ़ते हैं और जानते हैं, साल का पहला सूर्य कब लगेगा और किन राशियों के लिए शुभ और किन राशियों के लिए अशुभ साबित हो सकता है।

सूर्य ग्रहण 2026: तिथि व समय

ज्योतिषियों के मुताबिक, 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी की दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और यह रात 07 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा। यह एक कंकण सूर्यग्रहण होगा। यह ग्रहण 2026 कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र  में घटित होगा।

तिथिदिन व दिनांकसूर्य ग्रहण प्रारंभ समयसूर्य ग्रहण समाप्त समयदृश्यता का क्षेत्र
फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष अमावस्यामंगलवार, 17 फरवरी 2026दोपहर 15:26 बजे सेरात्रि 19:57 बजे तकसाउथ अफ्रीका, बोत्सवाना, जांबिया, जिंबाब्वे, मोजांबिक, दक्षिण अफ्रीका के दक्षिणी देशों, नामीबिया, मॉरीशस, तंजानिया, दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी देशों चिली और अर्जेंटीना, आदि और अंटार्कटिका (भारत में दृश्यमान नहीं)

वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह खगोलीय घटना भारत के बजाय दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखी जा सकेगी। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृष्टिगोचर नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं रहेगा।

सूर्य ग्रहण 2026 के दौरान इन मंत्रों का करें जाप 

सूर्य ग्रहण 2026 के समय मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में किया गया जप सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्रभाव देता है। इस समय वातावरण में विशेष ऊर्जा सक्रिय रहती है, इसलिए मन को शांत रखकर भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करना श्रेष्ठ माना जाता है। मंत्र जाप से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं, मानसिक शांति मिलती है और ग्रह दोषों की शांति होती है।

ग्रहण के दौरान आप मन ही मन या धीमी आवाज़ में मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इसके लिए माला का उपयोग करना भी अच्छा माना जाता है, लेकिन बिना माला के जप भी फलदायी होता है।

सूर्य ग्रहण 2026 के समय जप किए जाने वाले प्रमुख मंत्र

  • ॐ सूर्याय नमः
  • ॐ आदित्याय नमः
  • ॐ नमः शिवाय
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

गायत्री मंत्र –

ॐ भूर्भुवः स्वः, तत्सवितुर्वरेण्यं…

इन मंत्रों का जाप ग्रहण शुरू होने से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक किया जा सकता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके भगवान को जल अर्पित करें और फिर भोजन करें।

सूर्य ग्रहण 2026: इन राशियों के लिए साबित होगा शुभ

मेष राशि

सूर्य ग्रहण 2026 के प्रभाव से मेष राशि के जातकों को करियर और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नई जिम्मेदारियां पदोन्नति या नौकरी में बदलाव के योग बनते हैं। आत्मविश्वास मजबूत होगा और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि देखने को मिलेगी। व्यापारियों के लिए भी यह समय नई शुरुआत का संकेत देता है। 

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण रुके हुए कार्यों को गति देने वाला रहेगा। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं और संचार, लेखन, मीडिया या व्यापार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा।

सिंह राशि 

सिंह राशि के लिए सूर्य ग्रहण सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि का कारण बन सकता है। सरकारी, प्रशासनिक या प्रबंधन से जुड़े जातकों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आत्मबल मजबूत रहेगा और नेतृत्व क्षमता निखरकर सामने आएगी। 

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण आर्थिक संतुलन बनाने वाला साबित हो सकता है। साझेदारी के कामों में लाभ, दांपत्य जीवन में सुधार और पारिवारिक सहयोग मिलने के योग हैं। रुके हुए धन की प्राप्ति भी संभव है। 

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण भाग्य का साथ देने वाला रहेगा। उच्च शिक्षा, धार्मिक कार्यों, लंबी यात्राओं और विदेश से जुड़े मामलों में सफलता के संकेत मिलते हैं। आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ेगी।

सूर्य ग्रहण 2026 इन जातकों को मिल सकता है नकारात्मक परिणाम

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को इस दौरान आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा। अनावश्यक खर्च, निवेश में नुकसान और पारिवारिक तनाव की स्थिति बन सकती है। धैर्य और समझदारी से निर्णय लेना जरूरी रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण मानसिक तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव ला सकता है। पारिवारिक मतभेद या कार्यक्षेत्र में गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती है। सेहत का भी विशेष ध्यान रखना होगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण काम का दबाव बढ़ा सकता है। करियर में बाधाएं, सहयोगियों से मतभेद और थकान की स्थिति बन सकती है। जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें।

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण अचानक बदलाव और मानसिक बेचैनी का कारण बन सकता है। गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और धन हानि के योग भी बनते हैं। सावधानी और संयम आवश्यक रहेगा। 

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को इस दौरान कार्यक्षेत्र में संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद, काम में रुकावट और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण भ्रम और निर्णय में असमंजस पैदा कर सकता है। मित्रों या साझेदारों से मतभेद संभव हैं। किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज या निवेश में सावधानी बरतें।

मीन राशि 

मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। मानसिक तनाव, नींद की कमी और आत्मविश्वास में गिरावट महसूस हो सकती है। ध्यान और आध्यात्मिक उपाय लाभकारी रहेंगे।

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा ॐ एस्ट्रो के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सूर्य ग्रहण 2026 कब लगेगा?

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगेगा। यह ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर शुरू होकर शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।

2. सूर्य ग्रहण 2026 भारत में दिखाई देगा या नहीं?

नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

3. क्या सूर्य ग्रहण 2026 में सूतक काल मान्य होगा?

चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। ऐसे में पूजा-पाठ और दैनिक कार्यों पर कोई धार्मिक प्रतिबंध नहीं होगा।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

To Top