मंगल-राहु की युति से बना अंगारक योग, अगले 40 दिन ये लोग रहें बेहद सतर्क!

kanishk Omasttro
0

 

शास्त्र में ग्रहों का गोचर बेहद मायने रखता है। जब भी कोई ग्रह राशि बदलता है, तो वह सिर्फ अपनी जगह नहीं बदलता, वह समय की दिशा और परिस्थितियों का रंग भी बदल देता है। कई बार यही गोचर आपस में मिलकर ऐसे योग बना देते हैं, जो जीवन में खास हलचल पैदा करते हैं, कभी शुभ संकेतों के साथ, तो कभी सतर्क रहने की चेतावनी के रूप में। इसी कड़ी में 23 फरवरी को ग्रहों के सेनापति मंगल ने शनि की राशि कुंभ में प्रवेश किया है। खास बात यह है कि मंगल अब करीब 40 दिनों तक, यानी 2 अप्रैल 2026 तक, इसी राशि में रहेंगे। 

बता दें कुंभ में पहले से सूर्यबुधशुक्र और छाया ग्रह राहु विराजमान हैं। ऐसे में मंगल और राहु की युति से अंगारक योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष में काफी प्रभावशाली माना जाता है। यह योग आने वाले दिनों में कई राशियों के लिए परिस्थितियों को थोड़ा संवेदनशील बना सकता है, इसलिए समझदारी और संयम सबसे बड़ा उपाय रहेगा। आइए अब आगे बढ़ते है और पहले जानेंगे कि मंगल के गोचर की तिथि व समय।

मंगल का कुंभ राशि में गोचर: तिथि व समय

वैदिक ज्योतिष में मंगल देव को युद्ध के देवता कहा जाता है जो 23 फरवरी 2026 की सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर कर चुके हैं। जहां सूर्य, बुध, शुक्र और छाया ग्रह राहु पहले ही मौजूद हैं। आइए अब आगे बढ़ने से पहले जान लेते हैं कि अंगारक योग क्या होता है और कैसे इसका निर्माण होता है। फिर जानेंगे 4 राशियों इस योग के प्रभाव के बारे में।

अंगारक योग

अंगारक योग तब बनता है, जब मंगल और राहु एक ही राशि या भाव में साथ आ जाते हैं। ज्योतिष में इसे उग्र और तीव्र प्रभावशाली योग माना जाता है, क्योंकि मंगल ऊर्जा, साहस और क्रोध का कारक है, जबकि राहु भ्रम, अचानक घटनाओं और असामन्य परिस्थितियों का प्रतीक है। जब ये दोनों ग्रह मिलते हैं तो व्यक्ति के स्वभाव में आवेश, अधीरता और जल्दबाजी बढ़ सकती है। 

कई बार बिना सोचे- समझे फैसले लेने की प्रवृत्ति बनती है, जिससे बाद में पछताना पड़ सकता है। यह योग जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव भी ला सकता है, कभी अप्रत्याशित लाभ तो कभी अचानक हानि। यदि यह योग कुंडली में अशुभ स्थिति में हो, तो झगड़े, विवाद, कानूनी उलझन या रिश्तों में तनाव की स्थिति बन सकती है। 

वहीं यदि यह शुभ प्रभाव में हो, तो व्यक्ति बहुत साहसी, मेहनती और जोखिम उठाकर सफलता पाने वाला बन सकता है। इसलिए इसका प्रभाव पूरी कुंडली और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। अंगारक योग के दौरान व्यक्ति को विशेष रूप से अपने गुस्से और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। किसी भी बड़े निर्णय, निवेश या विवादित मामलों में जल्दबाजी से बचना ही समझदारी होती है। नियमित प्रार्थना, ध्यान और सकारात्मक कार्यों में ऊर्जा लगाना इस योग के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

मंगल और राहु की युति से ‘अंगारक योग’ इन राशियों को रहना होगा संभलकर

मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले, इस समय मंगल का गोचर आपके भाग्य स्थान यानी नौवें भाव में चल रहा है। नौवां भाव किस्मत, धर्म, लंबी यात्राओं और गुरु से जुड़े मामलों का प्रतिनिधित्व करता है। लेकिन यहां राहु के साथ मंगल की युति बन रही है, जिसके कारण परिस्थितियां थोड़ी उलझी हुई रह सकती हैं। बने बनाए कामों में अचानक रुकावट आना, योजनाओं का टल जाना या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मतभेद होने की संभावना बन सकती है। आने वाले लगभग 40 दिनों तक खास सावधानी रखने की जरूरत है। 

किसी भी तरह का नया निवेश करने, प्रॉपर्टी से जुड़े कागजों पर साइन करने या कानूनी मामलों में जल्दबाजी दिखाने से बचें। बिना पूरी जांच-पड़ताल के लिया गया फैसला आगे चलकर परेशानी दे सकता है। अगर आप किसी काम को जल्दी निपटाने के लिए शॉर्टकट अपनाने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा रुककर दोबारा विचार करें। इस समय धैर्य और समझदारी ही आपके लिए सबसे बड़ा सहारा होगी। सोच-समझकर, सलाह लेकर और पूरी जानकारी जुटाकर ही कोई बड़ा कदम उठाएं, तभी नुकसान से बचाव संभव होगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह युति आठवें भाव में बन रही है। ज्योतिष में आठवां भाव अचानक घटनाओं, उतार-चढ़ाव, गुप्त बातों और अप्रत्याशित परिस्थितियों का संकेत देता है। ऐसे में आने वाले समय में कुछ चीजें बिना पूर्व सूचना के बदल सकती हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी होगा। कार्यस्थल पर विशेष सावधानी रखें। हो सकता है कुछ लोग सामने से दोस्ताना व्यवहार करें, लेकिन पीछे से विरोध करने की कोशिश करें। गुप्त शत्रुओं से बचकर रहें और अपने काम से काम रखें। 

खासतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस से बहस या टकराव से बचें, क्योंकि छोटी सी बात भी बड़ा रूप ले सकती है। आर्थिक मामलों में यह समय “नो रिस्क” वाला है। शेयर बाज़ार, सट्टा या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाना ही समझदारी होगी। जल्द मुनाफ़े के लालच में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें। जल्दबाज़ी, लापरवाही या गुस्से में ड्राइविंग करने से बचें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए बेवजह के विवादों में न पड़ें और छोटी बातों को नज़रअंदाज़ करना सीखें। धैर्य और संयम ही इस समय आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे।

धनु राशि

धनु राशि वाले, इस समय आपके तीसरे भाव यानी पराक्रम, साहस, संचार और छोटे भाइयों-बहनों के स्थान में मंगल और राहु की युति बन रही है। तीसरा भाव हिम्मत, बोलचाल और प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन इस ग्रहयोग के कारण वाणी में तीखापन आ सकता है। अनजाने में कही गई कठोर बात रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है। दोस्तों, पड़ोसियों या सहकर्मियों के साथ छोटी सी बहस भी बड़ा विवाद बन सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया देने से पहले शब्दों को तौल लेना जरूरी होगा।

खासकर गुस्से या आवेश में कोई संदेश, कॉल या सोशल मीडिया पोस्ट करने से बचें, वरना बात बढ़ सकती है। आर्थिक मामलों में भी सावधानी रखें। पैसों का उधार देना या लेना इस समय ठीक नहीं रहेगा, क्योंकि धन फंसने या संबंध खराब होने की आशंका है। किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय लिखित और स्पष्ट समझौता ही करें। 

आपकी ऊर्जा इस समय बहुत अधिक रहेगी, लेकिन उसे बेकार की भागदौड़ या अनावश्यक तकरार में खर्च करने के बजाय किसी रचनात्मक काम, नई स्किल सीखने या फिटनेस जैसी सकारात्मक दिशा में लगाना आपके लिए अधिक लाभकारी रहेगा। संयमित वाणी और सही दिशा में प्रयास आपको संभावित परेशानियों से बचा सकते हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वाले, इस समय मंगल का गोचर आपकी अपनी ही राशि यानी लग्न भाव में हो रहा है। लग्न भाव व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, सेहत और जीवन की दिशा को दर्शाता है। ऐसे में यहां राहु के साथ मंगल की स्थिति आपके स्वभाव में अचानक बदलाव ला सकती है। गुस्सा, अधीरता और चिड़चिड़ापन बढ़ने की संभावना है, जिससे छोटी-छोटी बात भी बड़ी लग सकती है। वैवाहिक जीवन में विशेष सावधानी रखें। जीवनसाथी के साथ गलतफहमियां पैदा न होने दें।

किसी भी बात को दिल पर लेने के बजाय खुलकर और शांत तरीके से संवाद करना बेहतर रहेगा। अहंकार या जि़द रिश्ते में तनाव बढ़ा सकती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य के मामले में भी लापरवाही न करें। खासकर ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, माइग्रेन या तनाव से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पर्याप्त नींद लें, पानी अधिक पीएं और गुस्से पर नियंत्रण रखने की कोशिश करें। 

योग, प्राणायाम या ध्यान आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। आर्थिक मोर्चे पर भी सावधानी आवश्यक है। शेयर मार्केट या किसी भी बड़े जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाए रखें। जल्द लाभ के लालच में लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है। इस समय संयम, संतुलन और सोच-समझकर उठाया गया कदम ही आपके लिए हितकारी रहेगा।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. अंगारक योग क्या होता है1?

जब मंगल और राहु एक ही राशि या भाव में युति बनाते हैं, तो उसे अंगारक योग कहा जाता है। इसे उग्र और तीव्र प्रभाव वाला ग्रहयोग माना जाता है।

2. अंगारक योग कितने दिन तक प्रभाव डालता है?

यह योग तब तक प्रभावी रहता है जब तक मंगल और राहु साथ रहते हैं। आमतौर पर इसका असर लगभग 30–45 दिनों तक देखा जा सकता है।

3. क्या अंगारक योग हमेशा अशुभ होता है?

नहीं, यह पूरी तरह अशुभ नहीं होता। अगर कुंडली में शुभ स्थिति में हो, तो यह साहस, नेतृत्व क्षमता और जोखिम उठाकर सफलता दिला सकता है।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

To Top