भाद्रपद 2026: जन्माष्टमी से गणेश चतुर्थी तक पड़ेंगे ये बड़े व्रत-त्योहार, जानें पूरी सूची और धार्मिक महत्व
भाद्रपद 2026 हिंदू पंचांग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और धार्मिक दृष्टि से पवित्र महीना माना जाता है। सावन के बाद आने वाले इस महीने में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अजा एकादशी, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, परिवर्तिनी एकादशी, अनंत चतुर्दशी और भाद्रपद पूर्णिमा जैसे कई प्रमुख व्रत एवं त्योहार मनाए जाएंगे।
OMASTTRO UNIVERSE के इस विशेष लेख में हम आपको भाद्रपद माह 2026 कब शुरू होगा, कब समाप्त होगा, भाद्रपद में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार, उनका धार्मिक महत्व और इस महीने से जुड़ी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारी विस्तार से बताएंगे।
भाद्रपद 2026 कब से शुरू होगा?
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में भाद्रपद माह की शुरुआत 29 अगस्त 2026, शनिवार से होगी और इसका समापन 26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद पूर्णिमा के साथ होगा।
भाद्रपद को कई क्षेत्रों में भादो या भाद्र के नाम से भी जाना जाता है। यह महीना धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए विशेष माना जाता है।
भाद्रपद 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां
- भाद्रपद आरंभ: 29 अगस्त 2026
- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: 4 सितंबर 2026
- अजा एकादशी: 7 सितंबर 2026
- गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026
- हरतालिका तीज: 14 सितंबर 2026
- कन्या संक्रांति: 17 सितंबर 2026
- परिवर्तिनी एकादशी: 22 सितंबर 2026
- अनंत चतुर्दशी: 25 सितंबर 2026
- भाद्रपद पूर्णिमा: 26 सितंबर 2026
भाद्रपद 2026 का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में भाद्रपद माह को आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण, भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पर्व आते हैं।
भाद्रपद चातुर्मास का भी हिस्सा है। इस अवधि में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इसलिए इस समय विवाह जैसे मांगलिक कार्यों की अपेक्षा पूजा, व्रत, ध्यान, मंत्र जाप, दान और आध्यात्मिक साधना को अधिक महत्व दिया जाता है।
भक्त इस महीने अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। वहीं गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज जैसे पर्व इस महीने की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा देते हैं।
भाद्रपद 2026 में कौन से प्रमुख त्योहार पड़ेंगे?
भाद्रपद 2026 में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आने वाले हैं। आइए जानते हैं उनकी पूरी सूची।
| तारीख | दिन | व्रत एवं त्योहार |
|---|---|---|
| 4 सितंबर 2026 | शुक्रवार | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी |
| 7 सितंबर 2026 | सोमवार | अजा एकादशी |
| 8 सितंबर 2026 | मंगलवार | प्रदोष व्रत |
| 9 सितंबर 2026 | बुधवार | मासिक शिवरात्रि |
| 11 सितंबर 2026 | शुक्रवार | भाद्रपद अमावस्या |
| 14 सितंबर 2026 | सोमवार | गणेश चतुर्थी |
| 14 सितंबर 2026 | सोमवार | हरतालिका तीज |
| 17 सितंबर 2026 | गुरुवार | कन्या संक्रांति |
| 22 सितंबर 2026 | मंगलवार | परिवर्तिनी एकादशी |
| 24 सितंबर 2026 | गुरुवार | प्रदोष व्रत |
| 25 सितंबर 2026 | शुक्रवार | अनंत चतुर्दशी |
| 26 सितंबर 2026 | शनिवार | भाद्रपद पूर्णिमा व्रत |
1. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026
भाद्रपद माह के प्रमुख त्योहारों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष स्थान है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात में भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करते हैं। मंदिरों और घरों में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को सजाया जाता है तथा उनका पालना झुलाने की परंपरा भी है।
2026 में जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
2. अजा एकादशी 2026
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धापूर्वक अजा एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को पाप कर्मों से मुक्ति तथा भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
2026 में अजा एकादशी 7 सितंबर, सोमवार को पड़ेगी।
3. प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है।
इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और प्रदोष काल में भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा से प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
भाद्रपद 2026 में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों के प्रदोष व्रत पड़ेंगे।
4. मासिक शिवरात्रि
हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव की उपासना, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप का विशेष महत्व माना जाता है।
भक्त इस दिन भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं तथा रात्रि में शिव आराधना करते हैं।
भाद्रपद 2026 में मासिक शिवरात्रि 9 सितंबर को होगी।
5. भाद्रपद अमावस्या
भाद्रपद माह की अमावस्या धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह तिथि पितरों से जुड़े धार्मिक कार्यों, तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष मानी जाती है।
जो लोग अपने पूर्वजों की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, वे अपनी परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितृ संबंधी धार्मिक कार्य कर सकते हैं।
भाद्रपद अमावस्या 11 सितंबर 2026 को होगी।
6. गणेश चतुर्थी 2026
गणेश चतुर्थी भाद्रपद माह का सबसे लोकप्रिय पर्वों में से एक है। यह भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा को घर या पंडाल में स्थापित करते हैं। इसके बाद कई दिनों तक गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की जाती है और अनंत चतुर्दशी के दिन विधि-विधान से उनका विसर्जन किया जाता है।
2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी।
7. हरतालिका तीज 2026
हरतालिका तीज भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित महत्वपूर्ण व्रत है। विवाहित महिलाएं अपने सुखी दांपत्य जीवन और पति की लंबी आयु की कामना से यह व्रत करती हैं। वहीं अविवाहित महिलाएं मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं।
विशेष बात यह है कि 2026 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही तारीख, 14 सितंबर को पड़ रहे हैं।
8. कन्या संक्रांति 2026
जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है। कन्या संक्रांति के दिन सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं।
धार्मिक दृष्टि से इस दिन सूर्य देव की पूजा, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों को शुभ माना जाता है।
2026 में कन्या संक्रांति 17 सितंबर को होगी।
9. परिवर्तिनी एकादशी 2026
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे वामन एकादशी और पार्श्व एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में करवट बदलते हैं। यह एकादशी भगवान विष्णु के वामन अवतार और राजा बलि से जुड़ी धार्मिक कथा से भी संबंधित है।
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 को होगी।
10. अनंत चतुर्दशी 2026
अनंत चतुर्दशी गणेश उत्सव के समापन का प्रमुख दिन है। इस दिन भक्त गणपति बप्पा को श्रद्धापूर्वक विदाई देते हैं और उनकी प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।
इसी दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने की भी परंपरा है। कई स्थानों पर भक्त अनंत सूत्र धारण करते हैं और भगवान विष्णु से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को पड़ेगी।
11. भाद्रपद पूर्णिमा 2026
भाद्रपद माह का समापन पूर्णिमा तिथि के साथ होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, सत्यनारायण भगवान की कथा, दान-पुण्य और धार्मिक कार्य करने की परंपरा है।
भाद्रपद पूर्णिमा व्रत 26 सितंबर 2026 को होगा।
भाद्रपद 2026 में किन देवी-देवताओं की पूजा करें?
भाद्रपद माह में अलग-अलग पर्वों के अनुसार विभिन्न देवी-देवताओं की आराधना की जाती है।
भगवान विष्णु
एकादशी, पूर्णिमा और अन्य विष्णु संबंधित तिथियों पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
भगवान श्रीकृष्ण
जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष पूजा की जाती है।
भगवान गणेश
गणेश चतुर्थी के दौरान भगवान गणेश की स्थापना और विशेष पूजा की जाती है।
भगवान शिव और माता पार्वती
हरतालिका तीज, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि पर शिव-पार्वती की आराधना का विशेष महत्व है।
भाद्रपद 2026 में क्या करें?
भाद्रपद माह को आध्यात्मिक रूप से उपयोगी बनाने के लिए अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार ये कार्य किए जा सकते हैं:
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण का पूजन करें।
एकादशी का व्रत श्रद्धा के अनुसार रखें।
नियमित रूप से मंत्र जाप और ध्यान करें।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें।
प्रदोष और शिवरात्रि पर भगवान शिव का पूजन करें।
पितृ संबंधी धार्मिक परंपराओं का पालन करें।
भाद्रपद 2026 क्यों है खास?
भाद्रपद 2026 इसलिए खास है क्योंकि इस एक महीने में जन्माष्टमी से लेकर गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी तक कई बड़े धार्मिक पर्व आने वाले हैं।
विशेष रूप से 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का एक ही दिन पड़ना इस महीने को और महत्वपूर्ण बनाता है।
साथ ही, सितंबर के दौरान सूर्य का सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश भी ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जाता है।
OMASTTRO UNIVERSE की विशेष जानकारी
भाद्रपद केवल त्योहारों का महीना नहीं बल्कि भक्ति, साधना, संयम, दान और आत्मिक उन्नति का समय भी माना जाता है।
इस महीने आने वाले प्रत्येक व्रत और पर्व का अपना अलग धार्मिक महत्व है। इसलिए किसी भी व्रत, पूजा या धार्मिक अनुष्ठान को केवल परंपरा के रूप में नहीं बल्कि श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ करना अधिक महत्वपूर्ण है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. भाद्रपद माह 2026 कब शुरू होगा?
भाद्रपद माह 2026 की शुरुआत 29 अगस्त 2026 से होगी।
2. भाद्रपद माह 2026 कब समाप्त होगा?
भाद्रपद माह का समापन 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा के साथ होगा।
3. भाद्रपद 2026 में जन्माष्टमी कब है?
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
4. गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को है।
5. क्या 2026 में गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज एक ही दिन हैं?
हाँ, दिए गए पंचांग के अनुसार 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज दोनों पड़ रहे हैं।
6. अनंत चतुर्दशी 2026 कब है?
अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को होगी।
7. भाद्रपद पूर्णिमा 2026 कब है?
भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026, शनिवार को होगी।
निष्कर्ष
भाद्रपद 2026 धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण महीना रहने वाला है। जन्माष्टमी में श्रीकृष्ण की भक्ति से लेकर गणेश चतुर्थी में गणपति आराधना, हरतालिका तीज में शिव-पार्वती की उपासना और अनंत चतुर्दशी तक यह पूरा महीना अनेक धार्मिक अवसरों से भरा रहेगा।
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ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
ॐ गं गणपतये नमः।
हर हर महादेव। 🔱
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