सितंबर 2026 में पड़ने वाले सभी व्रत और त्योहारों की पूरी लिस्ट | September 2026 Vrat Tyohar Calendar | OMASTTRO Universe
🔱 ॐ नमः शिवाय | हर हर महादेव 🔱
OMASTTRO Universe प्रस्तुत करता है — सनातन धर्म, ज्योतिष, व्रत-त्योहार, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी विशेष एवं उपयोगी जानकारी।
सितंबर 2026: व्रत-त्योहारों से भरा रहेगा यह महीना
साल 2026 का सितंबर महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस महीने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अजा एकादशी, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी, ऋषि पंचमी, राधाष्टमी, पद्मा एकादशी, वामन जयंती, अनंत चतुर्दशी जैसे कई प्रमुख पर्व और व्रत पड़ेंगे।
इसके साथ ही सितंबर के अंतिम दिनों में भाद्रपद पूर्णिमा के बाद पितृपक्ष की शुरुआत होगी। यानी यह महीना भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से लेकर भगवान गणेश की आराधना और पितरों के तर्पण तक आध्यात्मिक रूप से विशेष रहने वाला है।
आइए जानते हैं सितंबर 2026 में कौन-कौन से व्रत और त्योहार किस तारीख को मनाए जाएंगे।
📅 सितंबर 2026 व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
| तारीख | दिन | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|
| 1 सितंबर 2026 | मंगलवार | कोकिला पंचमी / भातृ-भगिनी पंचमी |
| 2 सितंबर 2026 | बुधवार | हल षष्ठी / ललही छठ |
| 3 सितंबर 2026 | गुरुवार | शीतला सातम |
| 4 सितंबर 2026 | शुक्रवार | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी |
| 5 सितंबर 2026 | शनिवार | नंद महोत्सव / दही हांडी |
| 7 सितंबर 2026 | सोमवार | अजा एकादशी |
| 8 सितंबर 2026 | मंगलवार | प्रदोष व्रत |
| 9 सितंबर 2026 | बुधवार | मासिक शिवरात्रि |
| 10 सितंबर 2026 | गुरुवार | पिठोरी अमावस्या / कुशाग्रहणी अमावस्या |
| 14 सितंबर 2026 | सोमवार | हरतालिका तीज / गणेश चतुर्थी / कलंक चतुर्थी |
| 15 सितंबर 2026 | मंगलवार | ऋषि पंचमी |
| 16 सितंबर 2026 | बुधवार | बलराम जयंती |
| 17 सितंबर 2026 | गुरुवार | विश्वकर्मा पूजा / कन्या संक्रांति |
| 18 सितंबर 2026 | शुक्रवार | महालक्ष्मी व्रत आरंभ |
| 19 सितंबर 2026 | शनिवार | राधाष्टमी |
| 22 सितंबर 2026 | मंगलवार | पद्मा एकादशी / पार्श्व एकादशी |
| 23 सितंबर 2026 | बुधवार | वामन जयंती |
| 25 सितंबर 2026 | शुक्रवार | अनंत चतुर्दशी / गणेश विसर्जन |
| 26 सितंबर 2026 | शनिवार | भाद्रपद पूर्णिमा / प्रोष्ठपदी पूर्णिमा श्राद्ध |
| 27 सितंबर 2026 | रविवार | पितृपक्ष आरंभ |
सितंबर की प्रमुख तिथियों की पुष्टि स्थान-आधारित पंचांग में भी की गई है; उदाहरण के लिए जन्माष्टमी 4 सितंबर, अजा एकादशी 7 सितंबर, हरतालिका तीज व गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, राधाष्टमी 19 सितंबर, पार्श्व एकादशी 22 सितंबर, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर और पितृपक्ष आरंभ 27 सितंबर दिया गया है।
🌸 सितंबर 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
🦚 4 सितंबर — श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
सितंबर महीने की शुरुआत ही भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से होगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और रात में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिरों और घरों में बाल गोपाल का श्रृंगार, अभिषेक, भजन-कीर्तन और कृष्ण जन्मोत्सव किया जाता है।
🙏 7 सितंबर — अजा एकादशी
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और एकादशी व्रत करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में अजा एकादशी को आत्मिक शुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने वाला महत्वपूर्ण व्रत माना गया है।
🌑 10 सितंबर — पिठोरी अमावस्या
10 सितंबर को पिठोरी अमावस्या, जिसे कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है, मनाई जाएगी।
इस दिन पितरों से जुड़े कर्म, तर्पण और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है। कुश का धार्मिक कार्यों में उपयोग होने के कारण इसे कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है।
🌿 14 सितंबर — हरतालिका तीज
सितंबर का सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक हरतालिका तीज है।
इस वर्ष हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026, सोमवार को होगी।
इस दिन सुहागिन एवं कई महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत दांपत्य सुख, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से किया जाता है।
🐘 14 सितंबर — गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी।
इसी दिन भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। भक्त घरों और सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना करके पूजा-अर्चना करेंगे।
गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला उत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ पूर्ण होता है।
🌺 गणेश चतुर्थी पर क्या करें?
- भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
- मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
- गणेश मंत्र का जाप करें।
- घर में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- संभव हो तो गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
🌿 15 सितंबर — ऋषि पंचमी
गणेश चतुर्थी के अगले दिन ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
यह दिन सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने से जुड़ा है। धार्मिक परंपराओं में इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
🐄 16 सितंबर — बलराम जयंती
16 सितंबर को बलराम जयंती मनाई जाएगी।
भगवान बलराम को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शेषनाग के अवतार के रूप में पूजा जाता है। इस दिन भगवान बलराम की आराधना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
🛠️ 17 सितंबर — विश्वकर्मा पूजा
17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति होगी।
भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य वास्तुकार और निर्माण-कला के अधिष्ठाता देवता माना जाता है। इस दिन मशीनों, औजारों, कारखानों, कार्यस्थलों और निर्माण से जुड़े उपकरणों की पूजा की जाती है।
व्यापार एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
🪷 18 सितंबर — महालक्ष्मी व्रत आरंभ
18 सितंबर से महालक्ष्मी व्रत का आरंभ होगा।
माता लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है। इस व्रत में भक्त माता लक्ष्मी की पूजा करके परिवार में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
💗 19 सितंबर — राधाष्टमी
19 सितंबर 2026, शनिवार को राधाष्टमी मनाई जाएगी।
यह दिन राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विशेष रूप से राधा-कृष्ण मंदिरों में इस दिन पूजा, श्रृंगार, भजन और कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
राधाष्टमी पर विशेष उपाय
राधा-कृष्ण की पूजा करके “राधे राधे” नाम का जाप करना भक्ति की दृष्टि से शुभ माना जाता है।
🪔 22 सितंबर — पद्मा एकादशी
22 सितंबर को पद्मा एकादशी, जिसे कई पंचांगों में पार्श्व एकादशी भी कहा जाता है, मनाई जाएगी।
यह भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।
🙏 23 सितंबर — वामन जयंती
23 सितंबर को वामन जयंती मनाई जाएगी।
भगवान विष्णु के दशावतारों में वामन अवतार का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर देवताओं के हित की रक्षा की थी।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और वामन अवतार का स्मरण किया जाता है।
🐘 25 सितंबर — अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन
25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी।
इसी दिन अनेक स्थानों पर गणेश उत्सव का समापन होता है और भक्त श्रद्धापूर्वक गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।
अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने की भी परंपरा है।
🌺 अनंत चतुर्दशी का संदेश
गणेश विसर्जन हमें यह संदेश देता है कि जीवन में आगमन और विदाई दोनों प्रकृति के नियम हैं। भगवान गणेश से प्रार्थना है कि वे हमारे जीवन से विघ्न दूर करके ज्ञान, बुद्धि और मंगल प्रदान करें।
🌕 26 सितंबर — भाद्रपद पूर्णिमा
26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा होगी।
यह तिथि धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है और इस दिन पूर्णिमा के धार्मिक कर्म, पूजा तथा पितरों से जुड़े श्राद्ध कार्य किए जाते हैं। इसके अगले दिन से पितृपक्ष का आरंभ होगा।
🕉️ 27 सितंबर — पितृपक्ष आरंभ
सितंबर 2026 का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक चरण 27 सितंबर से पितृपक्ष के आरंभ के साथ शुरू होगा।
पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं और उनकी तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं।
सनातन परंपरा में पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए इन दिनों में श्रद्धा, संयम और सेवा भावना के साथ धार्मिक कार्य करने की परंपरा है।
🔱 सितंबर 2026 में कौन-कौन से दिन सबसे खास रहेंगे?
अगर आप सितंबर के प्रमुख धार्मिक दिनों को अपनी डायरी या कैलेंडर में नोट करना चाहते हैं, तो इन तारीखों को विशेष रूप से याद रखें:
4 सितंबर — श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
7 सितंबर — अजा एकादशी
10 सितंबर — पिठोरी अमावस्या
14 सितंबर — हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी
15 सितंबर — ऋषि पंचमी
17 सितंबर — विश्वकर्मा पूजा
19 सितंबर — राधाष्टमी
22 सितंबर — पद्मा/पार्श्व एकादशी
23 सितंबर — वामन जयंती
25 सितंबर — अनंत चतुर्दशी एवं गणेश विसर्जन
26 सितंबर — भाद्रपद पूर्णिमा
27 सितंबर — पितृपक्ष आरंभ
🌺 सितंबर 2026 का आध्यात्मिक महत्व
सितंबर 2026 का महीना कई अलग-अलग धार्मिक भावनाओं को अपने भीतर समेटे हुए है।
महीने की शुरुआत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से होती है, फिर भगवान विष्णु के लिए अजा और पद्मा एकादशी, माता पार्वती के लिए हरतालिका तीज, भगवान गणेश के लिए गणेश चतुर्थी, राधा-कृष्ण भक्ति के लिए राधाष्टमी, भगवान विष्णु के वामन स्वरूप के लिए वामन जयंती और अंत में अनंत चतुर्दशी तथा पितृपक्ष का आगमन होता है।
इसलिए सितंबर केवल त्योहारों का महीना नहीं, बल्कि भक्ति, उपवास, पूजा, आत्मचिंतन, सेवा और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भी विशेष समय है।
⚠️ जरूरी सूचना
हिंदू व्रत-त्योहारों की तिथियां स्थान, सूर्योदय, तिथि और स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ मामलों में अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी भी व्रत, पूजा या श्राद्ध के सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग को अवश्य देखें। स्थान-आधारित पंचांगों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि अलग-अलग शहरों के अनुसार धार्मिक तिथियों में अंतर संभव है।
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व्रत रखें श्रद्धा से, पूजा करें विश्वास से और जीवन जिएं सनातन संस्कारों के साथ।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने परिवार और मित्रों के साथ जरूर साझा करें, ताकि कोई भी महत्वपूर्ण व्रत या त्योहार छूट न जाए।
ॐ नमः शिवाय 🙏
हर हर महादेव 🔱
जय श्री कृष्ण 🦚
गणपति बप्पा मोरया 🐘
राधे राधे 🌸
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