अजा एकादशी 2026: भगवान विष्णु की कृपा पाने का पावन दिन | महत्त्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
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🪷 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🪷
🌿 अजा एकादशी 2026 कब है?
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में अजा एकादशी का व्रत सोमवार, 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा।
📅 व्रत की तारीख: 7 सितंबर 2026, सोमवार
🌙 एकादशी तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर 2026, शाम 7:29 बजे
🌙 एकादशी तिथि समाप्त: 7 सितंबर 2026, शाम 5:03 बजे
🙏 आराध्य देव: भगवान विष्णु
🌺 पारण: 8 सितंबर 2026, द्वादशी तिथि में
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि के उदया-व्यापिनी होने के कारण व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा।
🕉️ अजा एकादशी का धार्मिक महत्त्व
अजा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पवित्र व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन उपवास, भगवान विष्णु का स्मरण, मंत्र जाप और पूजा-अर्चना करने से मन को शांति तथा आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
अजा एकादशी का संबंध राजा हरिश्चंद्र की कथा से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि कठिन परिस्थितियों में राजा हरिश्चंद्र ने अजा एकादशी का व्रत किया और भगवान विष्णु की कृपा से उनके जीवन में पुनः सुख और सम्मान की प्राप्ति हुई।
इसी कारण यह व्रत कठिन परिस्थितियों से मुक्ति, आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा की कामना से किया जाता है।
🌼 अजा एकादशी की पूजा विधि
अजा एकादशी के दिन पूजा करने के लिए निम्न विधि अपनाई जा सकती है:
1. प्रातः स्नान और संकल्प
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
2. पूजा स्थान तैयार करें
पूजा स्थान को स्वच्छ करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। संभव हो तो पीले रंग का वस्त्र या आसन रखें।
3. भगवान विष्णु का पूजन
भगवान विष्णु को जल, पीले फूल, चंदन, फल और नैवेद्य अर्पित करें।
4. तुलसी अर्पित करें
भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय मानी जाती है। इसलिए पूजा में तुलसी दल अर्पित करें।
5. मंत्र जाप करें
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥
इसके साथ भगवान विष्णु की आरती और एकादशी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें।
6. दिनभर भगवान का स्मरण
व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार फलाहार या निर्जल व्रत रख सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर कठोर उपवास करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार व्रत करना उचित है।
⏰ अजा एकादशी 2026 का शुभ समय
अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा स्नान के बाद प्रातःकाल करना शुभ माना जाता है।
🌅 पारण का शुभ समय
8 सितंबर 2026, मंगलवार को द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।
प्रमुख पंचांग गणना के अनुसार पारण का समय लगभग:
सुबह 6:02 बजे से 8:33 बजे तक रहेगा।
ध्यान रखें कि पारण का समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतिम समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
🚫 एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?
धार्मिक परंपरा के अनुसार एकादशी के दिन:
- चावल का सेवन नहीं किया जाता।
- मांसाहार और मदिरा से पूर्णतः बचना चाहिए।
- अनावश्यक क्रोध और विवाद से दूर रहना चाहिए।
- नकारात्मक विचारों से बचकर भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए।
- द्वादशी के दिन उचित समय पर ही व्रत का पारण करना चाहिए।
🌿 अजा एकादशी पर करें ये विशेष कार्य
✨ भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें।
✨ विष्णु मंत्र का जाप करें।
✨ जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या वस्त्र का दान करें।
✨ भगवान विष्णु की कथा सुनें या पढ़ें।
✨ दिनभर सात्त्विक विचार और व्यवहार रखें।
🙏 OMASTTRO Universe की विशेष बात
अजा एकादशी केवल उपवास रखने का दिन नहीं, बल्कि मन, विचार और कर्मों को शुद्ध करने का अवसर भी माना जाता है।
इस दिन सच्ची श्रद्धा से भगवान विष्णु का स्मरण करें और प्रार्थना करें—
“हे श्रीहरि! हमारे जीवन से अज्ञान, भय और नकारात्मकता को दूर कर हमें धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें।”
🪷 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
🙏 जय श्री हरि विष्णु
🌿 शुभ अजा एकादशी 2026
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