फरवरी 2026: ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार फरवरी साल का दूसरा महीना है। इस महीने को प्यार का महीना भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। फरवरी की शुरुआत से उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों से सर्दियों की विदाई शुरू हो जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी फरवरी माह बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दौरान कई व्रत-त्योहार पड़ते हैं।
जब भी किसी नए महीने की शुरुआत होती है, तो उसे लेकर अक्सर मन में उत्सुकता बढ़ जाती है कि नया महीना हमारे लिए कैसा रहेगा? क्या करियर में सफलता मिलेगी? प्रेम, वैवाहिक जीवन के लिए कैसा रहेगा ये महीना?
अगर आप भी नया साल शुरू होने के बाद जनवरी माह बीतने पर फरवरी को लेकर इन्हीं सब तरह के सवालों के बारे में सोच रहे हैं, तो अब आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके इन सभी सवालों के जवाब एस्ट्रोसेज एआई के इस खास ब्लॉग में मिल जाएंगे।
ये कहना गलत नहीं होगा कि फरवरी माह 2026 में ऋतु में बदलाव आना शुरू हो जाता है। कड़ाके की सर्दी के बाद मीठी-मीठी ठंड पड़नी शुरू हो जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से देखें, तो इस दौरान कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं। इस ब्लॉग में आपको न सिर्फ फरवरी में पड़ने वाले प्रमुख व्रत एवं त्योहार की सही तिथियों की जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि इस महीने के बैंक अवकाशों से भी अवगत कराएंगे। तो आइए बिना देरी किए शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और जान लेते हैं कि कैसा रहेगा फरवरी 2026 का महीना आपके लिए।
फरवरी 2026 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना
फरवरी 2026 की शुरुआत 01 फरवरी को चतुर्दशी तिथि पर पुनर्वसु नक्षत्र में होगी और इसकी समाप्ति त्रयोदशी तिथि पर पुष्य नक्षत्र में 28 फरवरी को होगी।
ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, साल का दूसरा महीना होता है फरवरी जो कि वर्ष का सबसे छोटा महीना है क्योंकि इसमें सिर्फ 28 दिन होते हैं और जिस वर्ष फरवरी में 29 दिन पड़ते हैं, उसे लीप ईयर कहते हैं।
फरवरी 2026 में पड़ने वाले व्रत एवं त्योहार की तिथियां
सनातन धर्म में हर मास के अंदर अनेक व्रत-त्योहार आते हैं जिनका अपना एक अलग महत्व होता है। इसी क्रम में, हम बसंत के महीने फरवरी 2026 में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहारों की तिथियां आपको बता रहे हैं ताकि आप कोई भी महत्वपूर्ण पर्व भूल न जाएं।
| तिथि | दिन | व्रत एवं त्योहार |
| 01 फरवरी 2026 | रविवार | माघ पूर्णिमा व्रत |
| 05 फरवरी 2026 | गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | विजया एकादशी |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | कुम्भ संक्रांति |
| 14 फरवरी 2026 | शनिवार | प्रदोष व्रत (कृष्ण) |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | महाशिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि |
| 17 फरवरी 2026 | मंगलवार | फाल्गुन अमावस्या |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | आमलकी एकादशी |
| 28 फरवरी 2026 | शनिवार | प्रदोष व्रत (शुक्ल) |
फरवरी में पड़ने वाले व्रत-त्योहार का धार्मिक महत्व
फरवरी 2026 में मनाए जाने वाले व्रत-त्योहारों की तिथियों को जानने के बाद अब हम आपको बताते हैं इस माह के व्रत-पर्वों के धार्मिक महत्व से।
माघ पूर्णिमा: 01 फरवरी, 2026 यानी फरवरी के पहले दिन पर ही पूर्णिमा तिथि पड़ रही है जो कि बहुत शुभ है। माघ के महीने में आने वाली पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। माघ पूर्णिमा व्रत पर पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संकष्टी चतुर्थी: 05 फरवरी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। यह व्रत विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन पूजन एवं व्रत करने से बप्पा अपने भक्तों के जीवन से सभी समस्याओं का अंत कर देते हैं।
विजया एकादशी: 13 फरवरी को विजया एकादशी पड़ रही है। यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में आती है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है।
कुंभ संक्रांति: 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति पड़ रही है। साल में कुल 12 संक्रांति आती हैं। संक्रांति तिथि पर सूर्य देव एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं और प्रत्येक संक्रांति का अपना एक अलग महत्व होता है। सूर्य देव के अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करने पर कुंभ संक्रांति पड़ती है।
प्रदोष व्रत (शुक्ल): 14 फरवरी को प्रदोष व्रत है जो कि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसे त्रयोदशी व्रत भी कहा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को करने का विधान है। इस व्रत से जातक को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है। यह हिंदू धर्म के सबसे बड़े एवं पवित्र पर्वों में से एक है। इस दिन शिव मंदिरों की भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है और महादेव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर भक्तजन शिवलिंग पर बेलपत्र, जल और दूध आदि अर्पित करते हैं।
फाल्गुन अमावस्या: 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या का व्रत है। पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या कहा जाता है। इस तिथि को पितृ शांति के लिए उत्तम माना जाता गया है।
आमलकी एकादशी: 27 फरवरी को आमलकी एकादशी पड़ रही है। प्रत्येक एकादशी की तरह इस दिन भी भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
फरवरी 2026 में ग्रह-गोचर की सूची
फरवरी के महीने में निम्न ग्रह गोचर करेंगे:
- बुध का कुंभ राशि में गोचर: बुद्धि के कारक बुध देव 03 फरवरी 2026 की रात 09 बजकर 38 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे।
- शुक्र का कुंभ राशि में गोचर: शुक्र ग्रह 06 फरवरी, 2026 को रात्रि 12 बजकर 52 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर करेंगे।
- बुध कुंभ राशि में उदय: 10 फरवरी को सुबह 04 बजकर 08 मिनट पर बुध ग्रह कुंभ राशि में उदित होंगे।
- सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: 13 फरवरी को सुबह 03 बजकर 49 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
- शुक्र कुंभ राशि में उदय: 17 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 42 मिनट पर शुक्र कुंभ राशि में उदित होंगे।
- मंगल का कुंभ राशि में गोचर: 23 फरवरी को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर मंगल ग्रह कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
- बुध कुंभ राशि में वक्री: 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर बुध शनि की राशि कुंभ में वक्री हो जाएंगे।
- बुध कुंभ राशि में अस्त: 28 फरवरी को रात 10 बजकर 09 मिनट पर बुध शनि की राशि कुंभ में अस्त हो जाएंगे।
फरवरी 2026: सार्वजनिक अवकाश
| तिथि | दिन | अवकाश | राज्य |
| 01 फरवरी 2026 | रविवार | गुरु रविदास जयंती | चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | लुई-नगाई-नी | मणिपुर |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | महाशिवरात्रि | राष्ट्रीय अवकाश (अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुडुचेरीसिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को छोड़कर) |
| 18 फरवरी 2026 | बुधवार | लोसर | सिक्किम |
| 19 फरवरी 2026 | गुरुवार | छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती | महाराष्ट्र |
| 20 फरवरी 2026 | शुक्रवार | राज्य स्थापना दिवस | अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम |
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त
| दिनांक | दिन | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
| 17 फरवरी 2026 | मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | अष्टमी | सुबह 09 बजकर 30 मिनट से अगली सुबह 18 फरवरी 07 बजकर 27 मिनट तक |
| 18 फरवरी 2026 | बुधवार | उत्तराषाढ़ा | नवमी | सुबह 07 बजकर 27 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक |
| 22 फरवरी 2026 | रविवार | उत्तराभाद्रपद | त्रयोदशी | रात 09 बजकर 04 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 23 मिनट तक |
| 23 फरवरी 2026 | सोमवार | उत्तराभाद्रपद | त्रयोदशी | सुबह 07 बजकर 23 मिनट से सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | रोहिणी | तृतीया, चतुर्थी | शाम 06 बजकर 39 मिनट से 28 फरवरी सुबह 07 बजकर 19 मिनट तक |
| 28 फरवरी 2026 | शनिवार | रोहिणी | चतुर्थी | सुबह 07 बजकर 19 मिनट से शाम 05 बजकर 08 मिनट तक |
फरवरी 2026 में अन्नप्राशन मुहूर्त
| तिथि व दिन | समय (IST) |
| 6 फरवरी, शुक्रवार | 07:37 – 08:02 |
| 6 फरवरी, शुक्रवार | 09:29 – 14:25 |
| 6 फरवरी, शुक्रवार | 16:40 – 23:34 |
| 18 फरवरी, बुधवार | 18:13 – 22:46 |
| 20 फरवरी, शुक्रवार | 07:26 – 09:59 |
| 20 फरवरी, शुक्रवार | 11:34 – 15:45 |
फरवरी 2026 में मुंडन संस्कार के मुहूर्त
| दिनांक | आरंभ काल | समाप्ति काल |
| बुधवार, 11 फरवरी | 10:53:42 | 31:03:11 |
| गुरुवार, 12 फरवरी | 07:02:25 | 13:43:22 |
| बुधवार, 18 फरवरी | 17:00:10 | 21:16:55 |
| गुरुवार, 26 फरवरी | 06:49:56 | 12:12:19 |
| शुक्रवार, 27 फरवरी | 10:49:45 | 22:35:23 |
कैसे होते हैं फरवरी में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म फरवरी के महीने में होता है, उनके अंदर अद्भुत रचनात्मक कौशल मौजूद होता है। ये किसी भी समस्या को बड़े कलात्मक तरीके से हल करने का गुण रखते हैं। इन्हें गुस्सा ज्यादा जल्दी नहीं आता है और ये थोड़े शांत स्वभाव के होते हैं।
ये रहस्य या बातों को गुप्त रखने में माहिर होते हैं। अगर आपने इन्हें अपना कोई रहस्य बता दिया, तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। ये आपकी बात किसी को नहीं बताएंगे। फरवरी में पैदा हुए जातक दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ये ईमानदार और भरोसेमंद होते हैं। आप इनके ऊपर आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं।
फरवरी माह का ज्योतिषीय एवं धार्मिक महत्व
फरवरी का महीना लोगों को इसलिए भी ज्यादा पसंद आता है क्योंकि इस दौरान मीठी-मीठी ठंड पड़ने लगती है। इस दौरान मौसम और प्रकृति में बदलाव आना शुरू हो जाता है। फरवरी में महाशिवरात्रि और कभी-कभी बसंत पचंमी जैसे बड़े व्रत-त्योहार आते हैं जिसकी वजह से इस माह का महत्व और शुभता बढ़ जाती है। धार्मिक दृष्टि से देखें तो फरवरी माह 2026 की शुरुआत फाल्गुन मास के अंतर्गत होगी जो कि हिंदू पंचांग का ग्यारहवां महीना है। यह महीना पौष मास के बाद आता है। माघ माह में ही कल्पवास भी आयोजित किया जाता है।
माघ और फाल्गुन माह का महत्व
हिंदू धर्म में माघ और फाल्गुन दोनों का ही बहुत महत्व है। माघ माह का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है और इस महीने को पहले माध नाम से जाना जाता था। इस माह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी पूजा का विधान है। बात करें फाल्गुन मास की, तो यह हिंदू वर्ष का बारहवां और अंतिम महीना होता है। यह मास इसलिए सबसे खास होता है क्योंकि इस दौरान हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार होली का पर्व आता है। महाशिवरात्रि भी इसी महीने में आती है। साथ ही, फाल्गुन के महीने में वसंत उत्सव भी मनाया जाता है। इस माह में मुख्य रूप से भगवान कृष्ण और चंद्र देव की पूजा की जाती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र देव का जन्म फाल्गुन मास में हुआ था इसलिए इस माह इनकी आराधना की जाती है।
फरवरी 2026 में जन्मे लोगों का भाग्य रत्न
फरवरी में पैदा हुए लोगों का एमेथिस्ट स्टोन होता है। यह बैंगनी रंग का होता है। इस स्टोन के अंदर गजब की हीलिंग पॉवर होती है। इस स्टोन को पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
फरवरी मासिक भविष्यवाणी 2026: 12 राशियों का राशिफल
मेष राशि
आपको अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से सहयोग प्राप्त होगा। संतान को लेकर कुछ चिंताएं परेशान कर सकती हैं। वैवाहिक संबंधों में प्रगाढ़ता आने के लिए महीने का उत्तरार्ध उपयुक्त रहेगा, पूर्वार्ध में समस्याएं बनी रह सकती हैं। प्रेम संबंधों के लिए यह महीना थोड़ा कमजोर रह सकता है। आपसी समझदारी का अभाव रिश्ते के लिए खराबी का कारण बनेगा। विद्यार्थियों के लिए कठिन चुनौतियों से भरा समय रहेगा लेकिन उच्च शिक्षा के विद्यार्थी पारंगत होंगे और अपने विषयों में और बेहतर कर पाने में कामयाब होंगे। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महीना मध्यम रहने वाला है। पैर में चोट अथवा मोच लगने की स्थिति बन सकती है। यह महीना यात्राओं से भरा रहने वाला है। आर्थिक दृष्टिकोण से धन लाभ के योग बनेंगे। आपकी सोची हुई इच्छाएं पूरी होंगी और जो काम अटक रहे थे, वे महीने के उत्तरार्ध में पूर्ण होने लगेंगे जिससे आपको लाभ मिलेगा।
महीने के उत्तरार्ध में जब सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र, ये चारों ही ग्रह आपके दशम भाव में आ जाएंगे, तब आपको नौकरी में बदलाव करने का एक अच्छा अवसर मिलेगा। हालांकि इस दौरान कार्य क्षेत्र में सावधानियां बरतें और अपने काम पर ध्यान बनाए रखें। व्यापार करने वाले जातकों के लिए महीना ठीक-ठाक रहेगा। बृहस्पति की दृष्टि सप्तम भाव पर होगी और सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महीने की शुरुआत में नवम भाव में सूर्य, मंगल और बुध के साथ उपस्थित होंगे जो यात्राओं से आपको लाभ दिलवाएंगे। आपकी व्यवसायिक यात्राएं सफल रहेंगी और महीने के उत्तरार्ध में 13 तारीख के बाद से वह दशम भाव में चले जाएंगे, इससे कार्य क्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा।
केतु की स्थिति के कारण इस दौरान शेयर बाजार में निवेश करना जोखिम से भरा हो सकता है इसलिए कोशिश करें कि इस दौरान शेयर बाजार में निवेश न करें। सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के महीने की शुरुआत में नवम भाव और उसके उपरांत उत्तरार्ध में दशम भाव में आ जाने से पारिवारिक सुख में कुछ बढ़ोतरी होगी और आप परिवार में कुछ नई चीजें खरीद कर ला सकते हैं। कुछ सुख साधनों पर खर्च होगा लेकिन घर में खुशी आएगी। सुख संपत्ति बढ़ने के योग बनेंगे। कोई अचल संपत्ति खरीदने की स्थिति भी बन सकती है जिससे परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आप एक तरफ कुछ योजनाओं में धन लगाएंगे और दूसरी तरफ कुछ महत्वपूर्ण कामों पर धन खर्च भी करेंगे।
इस दौरान शरीर के तापमान में भी बढ़ोतरी हो सकती है इसलिए आपको संतुलित भोजन करना होगा। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थों पर ध्यान देना होगा ताकि शरीर में पित्त प्रकृति न बढ़ने पाए और आपको कोई समस्या ना हो अन्यथा आपको सर्दी, जुखाम, बुखार जैसी समस्याएं अपनी चपेट में ले सकती हैं जिससे भले ही कोई बड़ी समस्या ना हो लेकिन आपके रोजमर्रा के काम अटक सकते हैं क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए अच्छा समय नहीं कहा जाएगा। मंगल और सूर्य के दशम भाव में होने से आपको छाती में जकड़न और शुक्र - बुध के प्रभाव के कारण वात संबंधी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं इसलिए अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
विवाहित जातकों की बात करें तो बृहस्पति महाराज की दृष्टि आपके सप्तम भाव पर होगी और सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महाराज अपने से तीसरे यानी की नवम भाव में महीने की शुरुआत में होंगे और उत्तरार्ध में दशम भाव में आ जाएंगे जिससे आपके संबंध आपके जीवनसाथी के भाई-बहनों से मधुर बनेंगे। उनमें से किसी के प्रति आप आकर्षित भी हो सकते हैं लेकिन इसकी वजह से परिवार का माहौल बिगड़ सकता है। वैसे जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा लेकिन कुछ बातों को लेकर आपके बीच विरोधाभास भी हो सकता है।
आपस में खींचातानी और एक दूसरे के ऊपर अपनी बात को थोपना भी इसकी एक बड़ी वजह बन सकता है इसलिए आपके परिवार में शांति स्थापित करने का लगातार प्रयास करना होगा। तीसरे भाव पर महीने की शुरुआत में पांच ग्रहों का प्रभाव होने के कारण भाई - बहिनों से संबंध भी बनते बिगड़ते रहेंगे। आपको उनका साथ देना चाहिए और उनसे प्रेम पूर्ण व्यवहार करना चाहिए ताकि आपके संबंध उनसे मधुर बने रहें। हालांकि महीने के उत्तरार्ध में संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और अपने पारिवारिक जीवन का लुत्फ आप भली प्रकार ले पाएंगे। आपकी माता जी को तो स्वास्थ्य में सुधार मिलेगा लेकिन पिताजी की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं इसलिए उनका ध्यान रखें।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
शनिवार के दिन दिव्यांग जनों को भोजन कराएं।
प्रेम संबंधों में आ रही समस्या को दूर करने के लिए गरीबों को कंबल वितरित करें।
वृषभ राशि
आर्थिक दृष्टिकोण से महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा, आमदनी तो होगी और कुछ गुप्त धन भी प्राप्त होगा लेकिन नई जगह निवेश करना धन की हानि का कारण बन सकता है। पारिवारिक संबंधों में उतार-चढ़ाव आपको परेशान करेगा जबकि प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह महीना ठीक-ठाक रहेगा। आप अपने रिश्ते को गुप्त रखना पसंद करेंगे। विवाहित जातकों को अपनी परेशानियों से बाहर निकालने के लिए ससुराल के लोगों का सहयोग मिल सकता है। नौकरी करने वाले जातकों को निरंकुश होने से बचना चाहिए और अपने वरिष्ठ अधिकारियों की बात माननी चाहिए। व्यापार में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। अवांछित यात्राएं सेहत और जेब दोनों के लिए भारी पड़ सकती हैं।
छठे भाव के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल और बुध के साथ अष्टम भाव में होंगे जिससे नौकरी में कुछ समस्या आ सकती है लेकिन 13 तारीख से वह नवम भाव में चले जाएंगे जिससे नई नौकरी मिलने के योग बन सकते हैं और नौकरी में स्थानांतरण की स्थिति भी बन सकती है। यह आपके पक्ष में रहेगा। आपका भाग्य उदय होगा जिससे भाग्य का लाभ मिलेगा, रुके हुए काम चलने लगेंगे, व्यापार में सफलता मिलेगी, आपकी जो परियोजनाएं किसी न किसी कारण से अटकी हुई थीं, वो फिर से शुरू हो जाएंगी जिससे व्यापार में सफलता के योग बने शुरू हो जाएंगे।
लेकिन इन चार ग्रहों के अष्टम भाव में होने से कोई नया निवेश सोच समझ कर ही करें क्योंकि उस निवेश के डूबने से आपको धन हानि होने के योग बन सकते हैं। इसलिए बहुत सावधानी से ही कोई आर्थिक निर्णय लें। महीने के उत्तरार्ध में ये चारों ही ग्रह यानी कि सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र नवम भाव में चले जाएंगे, तब आपको यात्राओं से धन प्राप्ति होगी और भाग्य की कृपा प्राप्त होगी। आप किसी नई योजना में निवेश करने में सफल हो सकते हैं।
लेकिन आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि आप स्वयं के प्रति ही लापरवाही भरा रवैया अपनाते है या नहीं तो इससे आपको परेशानियां ही देखने को मिलेंगी। इस दौरान आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से आप जल्दी ही बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। आपको बुखार, खांसी, जुकाम, नजला जैसी छोटी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त किसी पुरानी बीमारी को लेकर शल्य चिकित्सा का सामना भी करना पड़ सकता है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाना बेहतर रहेगा।
उनकी ओर से स्वीकृति महीने के उत्तरार्ध में मिलने के योग बन सकते हैं। आप अपने प्रियतम के साथ लंबी यात्राओं पर महीने के उत्तरार्ध में घूमने जा सकते हैं जिससे एक दूसरे को समय देंगे और अपने रिश्ते में प्रकार का नयापन महसूस करेंगे। आपके बीच प्रेम बढ़ेगा और रूमानियत से भरे पलों की बढ़ोतरी होगी। विवाहित जातकों के लिए महीने की शुरुआत काफी कठिन रहने वाली है क्योंकि सप्तम भाव के स्वामी मंगल महाराज महीने की शुरुआत में अष्टम भाव में बुध, सूर्य और शुक्र के साथ विराजमान रहेंगे जिससे ससुराल से कहासुनी होने, जीवनसाथी को स्वास्थ्य समस्याएं और आपको स्वयं को भी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। आपस में मतभेद की स्थितियां पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ा सकती हैं लेकिन उत्तरार्ध में मंगल के तीसरे भाव में जाने से आप जीवनसाथी के साथ कहीं यात्रा पर जाकर अपने संबंधों को सुधार सकते हैं और महीने का उत्तरार्ध आपके रिश्ते को एक नई ऊर्जा से भर सकता है।
दूसरे भाव में महीने की शुरुआत से अंत तक बृहस्पति महाराज विराजमान रहकर पारिवारिक संबंधों को और कुटुंब के लोगों से आपके रिश्तों को बेहतर बनाने में आपकी मदद करेंगे। आपकी वाणी में प्रभाव बढ़ेगा, जो बात आप कहेंगे, उसे लोग ध्यान देकर सुनेंगे और मानने की कोशिश करेंगे। दूसरे भाव के स्वामी बुध महाराज महीने की शुरुआत में अष्टम भाव में होंगे जिससे कुटुंब के मामलों में ससुराल का हस्तक्षेप आपको पसंद नहीं आएगा क्योंकि उसकी वजह से झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि महीने के उत्तरार्ध में यह परिस्थितियां संभल जाएगी और आप स्थिति को संभाल लेंगे तथा परिवार में भी खुशी भरा माहौल बना रहेगा। आपके परिवार में किसी नई सदस्य के आगमन का योग बन सकता है जिससे घर में खुशी आएगी।
अच्छी गुणवत्ता वाला ओपल रत्न धारण करना आपको सुख - संपत्ति और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करेगा।
बुधवार के दिन श्री राधाकृष्ण जी की उपासना करें और उन्हें बांसुरी भेंट करें।
शनिवार के दिन प्रातः काल के समय किसी मंदिर की सीढ़ियों पर जाकर साफ सफाई का काम करें।
मिथुन राशि
यदि आपके वैवाहिक जीवन की बात करें तो बहुत सारी समस्याएं आ सकती हैं। जीवनसाथी और आपको स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। परिवार का माहौल उतार-चढ़ाव से भरा और परेशानी जनक हो सकता है। इस सब के बावजूद आप और आपके जीवनसाथी के मध्य रिश्ते को बचाने के प्रयास होंगे। हालांकि प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह महीना अच्छा रह सकता है। हल्की-फुल्की समस्याओं के बाद आपस में प्रेम बढ़ेगा और प्रेम विवाह की स्थिति भी बन सकती है। मित्रों से सहयोग मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को चुनौतियों के बाद सफलता मिलने के प्रबल योग बनेंगे।
आपके वरिष्ठ अधिकारी आपकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देंगे और इसलिए आपको उनसे कुछ शिकायत हो सकती है लेकिन अपने काम में डटे रहें, उसी से आपको सफलता मिल सकती है। सप्तम भाव में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र की उपस्थिति महीने की शुरुआत में रहेगी और उस पर बृहस्पति और शनि की दृष्टि होने से व्यावसायिक साझेदार से संबंध बिगड़ सकते हैं। उन संबंधों को सुधारना होगा नहीं तो व्यापार में उतार चढ़ाव तो रहेंगे ही, साथ ही समस्याएं भी आ सकती हैं। इस महीने व्यापार में बड़े निर्णय लेने से आपको बचना चाहिए। 13 तारीख को शुक्र, 14 तारीख को सूर्य, 16 तारीख को मंगल और 17 तारीख को बुध के अष्टम भाव में चले जाने से व्यापार में आ रही समस्याएं दूर होंगी और आपको व्यवसाय में सफलता मिलेगी, लेकिन आपको आंख कान खुले रखना चाहिए और किसी पर भी अंधा विश्वास करने से बचना चाहिए।
आपके ससुराल से आर्थिक मदद मिल सकती है। इसके अतिरिक्त गुप्त धन प्राप्त होने या कोई विरासत प्राप्त होने की स्थिति भी बन सकती है जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आना शुरू हो सकता है। व्यवसाय में सफलता मिलने के योग महीने के उत्तरार्ध में बनेंगे जिससे कि आपको व्यावसायिक गतिविधियों से धन प्राप्त हो सकता है। लंबी यात्राएं करने से धन प्राप्ति के रास्ते मिलेंगे और आपको आर्थिक चुनौतियों से बाहर निकलने का मौका मिलेगा। एकादश भाव के स्वामी मंगल के महीने की शुरुआत में सप्तम और उसके बाद अष्टम भाव में जाने से शुरुआत में व्यापार से और उसके बाद गुप्त स्रोतों से अचानक धन प्राप्ति के प्रबल योग बन सकते हैं।
आपको अपने रोजमर्रा के जीवन में अपनी दिनचर्या में और अपने खान-पान में बहुत ज्यादा सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी। यदि आप अनुशासित जीवन व्यतीत नहीं करते, खानपान पर ध्यान नहीं देते और बाहर का खाना ज्यादा खाते हैं तो स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस महीने पेट से जुड़ी समस्याएं, अग्नि तत्व की बढ़ोतरी से होने वाली पित्त प्रकृति की समस्याएं और शारीरिक चोट लगने की स्थिति बन सकती है। महीने के उत्तरार्ध में वाहन बेहद सावधानी से चलाएं, दुर्घटना होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
विवाहित जातकों की बात करें तो सप्तम भाव पर छह ग्रहों का प्रभाव वैवाहिक जीवन के लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। जीवनसाथी और आपको स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपके बीच विचारों का मतभेद हो सकता है जिससे वैवाहिक संबंधों में कड़वाहट बढ़ सकती है। आपको सावधान रहना होगा। महीने के उत्तरार्ध में चार ग्रहों का अष्टम भाव पर प्रभाव ससुराल से संबंधों में उतार-चढ़ाव ला सकता है लेकिन जीवनसाथी से संबंध सुधारने लगेंगे।
ससुराल के लोगों से आपके परिवार के लोगों का सामंजस्य बढ़ सकता है लेकिन बीच-बीच में कुछ कड़वी बातें भी सामने आ सकती हैं। चौथे भाव पर शनि महाराज की दृष्टि पूरे महीने बनी रहने वाली है और चौथे भाव के स्वामी बुध महाराज महीने की शुरुआत में तो सप्तम भाव में और उसके उत्तरार्ध में 17 तारीख से अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे जिससे माता जी को महीने के उत्तरार्ध में स्वास्थ्य कष्ट हो सकते हैं और परिवार में थोड़ी बहुत क्लेश की स्थिति भी उत्पन्न होगी जिसे आप अपनी समझदारी से संभालने में सक्षम हो सकते हैं लेकिन आपको उसके लिए लगातार प्रयास करने होंगे। तीसरे भाव में केतु के उपस्थित होने से भाई - बहिनों को छोटी-मोटी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। मंगल के भी अष्टम भाव में चले जाने से उत्तरार्ध में भाइयों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या शारीरिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं इसलिए उनका ध्यान रखें।
आपको मंगलवार के दिन रक्तदान करना चाहिए।
शनिवार के दिन श्री शनि देव जी महाराज की उपासना करना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
गुरुवार के दिन पीपल के पेड़ को छुए बिना जल चढ़ाना लाभदायक रहने वाला है।
कर्क राशि
प्रेम संबंधी मामलों के लिए थोड़ा सावधानी से भरा समय रहने वाला है। आपको अपने रिश्ते को संभालने पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी। आर्थिक मामलों में भी आपकी सजगता की आवश्यकता होगी। महीने के पूर्वार्ध में खर्च बहुत ज्यादा बढ़ेंगे जो उत्तरार्ध में जाकर सीमित हो जाएंगे और आपकी आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी जिससे आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है।
नौकरी करने वाले जातकों को अपने कार्य क्षेत्र में अपनी मेहनत का लाभ मिलेगा और आपकी पदोन्नति होने के भी योग बनेंगे। व्यापार करने वाले जातकों के लिए महीने की शुरुआत थोड़ी कमजोर रहेगी लेकिन महीने का उत्तरार्ध आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। विद्यार्थी वर्ग को कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
महीने के उत्तरार्ध में 13 को शुक्र, 14 को सूर्य, 16 को मंगल और 17 को बुध के सप्तम भाव में चले जाने से आपकी नौकरी में पदोन्नति के अच्छे योग बन सकते हैं। विरोधी शांत होंगे और आपकी विजय होगी। आप अपने कार्य में क्षेत्र में मजबूती से चमकेंगे। व्यापार करने वाले जातकों को महीने की शुरुआत में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है लेकिन महीने का उत्तरार्ध आपके व्यावसायिक मामलों में लाभदायक स्थिति लेकर आएगा। सप्तम भाव के स्वामी शनि देव का नवम भाव में बैठना व्यवसायिक यात्राओं से आपको उत्तम लाभ प्रदान कर सकता है। इसके अतिरिक्त विदेशी माध्यम से भी व्यापार में वृद्धि होने के योग बन सकते हैं।
महीने के उत्तरार्ध में जब सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र, ये चारों ग्रह आपके छठे भाव से निकलकर सप्तम भाव में आ जाएंगे तो खर्चों में अचानक से एकदम से तेजी से कमी आएगी जो आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगी क्योंकि खर्च सीमित हो जाएंगे और आमदनी लगातार बनी रहेगी जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती चली जाएगी। इस दौरान शेयर बाजार में निवेश करने से भी लाभ होगा। एसआईपी में निवेश करना भी आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त पूर्व में चल रही आर्थिक योजनाएं भी आपको लाभ दे सकती हैं। नौकरी और व्यापार से भी लाभ के योग बनेंगे।
सेहत को लेकर कुछ नए व्यायाम करने का प्रयास करें और कुछ नई दिनचर्या अपनाने का प्रयास करें। कुछ खर्च भी हों तो उन्हें करने से पीछे न हटें क्योंकि यह आपका सेहत रुपी धन है जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। महीने के उत्तरार्ध में जब चार ग्रह आपके सप्तम भाव में आएंगे तब स्वास्थ्य समस्याओं में कुछ हद तक कमी आएगी लेकिन बृहस्पति के द्वादश भाव, केतु के दूसरे भाव और राहु के पूरे महीने अष्टम भाव में रहने के कारण आपको अपने स्वास्थ्य पर बारीकी से ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ेगी। छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।
विवाहित जातकों के लिए महीने की शुरुआत कुछ कठिन हो सकती है। जीवनसाथी से तनाव बढ़ सकता है और उनको स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं लेकिन महीने का उत्तरार्ध अच्छा रहेगा। आपको अपने जीवनसाथी के साथ लंबी यात्राओं पर घूमने जाने का मौका मिलेगा। एक दूसरे को पर्याप्त समय देंगे और एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करेंगे जिससे आपका रिश्ता बेहतर बनेगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर किसी नए काम को शुरू करने का प्रयास भी कर सकते हैं।
दूसरे भाव में केतु के विराजमान रहने से कुटुंब के लोग आपस में सामंजस्य स्थापित करने में सक्षम नहीं रहेंगे जिससे आपसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हालांकि महीने के उत्तरार्ध में जब सूर्य, मंगल, बुध के साथ शुक्र भी सप्तम भाव में चले जाएंगे, तब माता और पिता के स्वास्थ्य में आ रही समस्याएं दूर होंगी और उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा। परिवार का माहौल सकारात्मक होगा।
पारिवारिक सदस्यों के सामंजस्य की बढ़ोतरी होगी और एक दूसरे को समझने का प्रयास बढ़ेगा जिससे परिवार में सुख शांति वापस लौटेगी और कुछ नए कामों के बारे में बातचीत होगी जिस पर विचार विमर्श करके किसी नए कार्यक्रम को करने का विचार निश्चित किया जाएगा जिससे घर में खुशहाली आएगी और सभी लोग प्रसन्नचित रहेंगे।
आपको मंगलवार के दिन श्री सुंदरकांड अथवा बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए।
बृहस्पतिवार के दिन केले के वृक्ष और पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करें।
आपके लिए पंच पल्लव (बरगद, पीपल, पाकर गूलर, आम) लगाना लाभदायक रहेगा।
सिंह राशि
वैवाहिक संबंधों में उतार-चढ़ाव रहेगा फिर भी आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताने का मौका प्राप्त कर पाएंगे। प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भर रहेगा। रिश्ते में रोमांस भी रहेगा, प्रेम भी रहेगा, इसके बावजूद भी तनातनी होने के योग भी बनते रहेंगे। विद्यार्थी वर्ग के लिए यह महीना चुनौतियों से भरा है क्योंकि बहुत सारी परेशानियां उनका ध्यान भटकाने का काम करेंगी जिससे उनकी शिक्षा में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
नौकरी करने वाले जातकों के लिए महीना अच्छा रहेगा। दूसरी नौकरी प्राप्त होने के योग भी बन सकते हैं। व्यापार संबंधी मामलों के लिए सोच समझकर निर्णय लेना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। जल्दबाजी में आकर कोई निर्णय न लें। धन संबंधी निवेश करने के लिए अच्छी तरह से विचार कर लेना ही बेहतर होगा।
आपके कुछ विरोधी अवश्य ही आपको परेशान करने का प्रयास कर सकते हैं लेकिन इस सबके बावजूद आप अपनी नौकरी में स्थिति मजबूत बना पाएंगे और सफलता प्राप्त कर पाएंगे। व्यापार करने वाले जातकों को बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। राहु पूरे महीने सप्तम भाव में विराजमान रहेंगे और अष्टम भाव में शनि महाराज होंगे तथा महीने के उत्तरार्ध में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र भी छठे भाव में आ जाएंगे इसलिए व्यावसायिक योजनाओं को अमली जामा पहनाने से पहले किसी अच्छे और अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त करना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
इस दौरान आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। नौकरी करते हैं तो उसमें भी पदोन्नति के कारण धन प्राप्ति बढ़ सकती है तथा व्यापार में भी अच्छा लाभ होने के योग बन सकते हैं। शनिदेव के पूरे महीने अष्टम भाव में बने रहने के कारण कुछ खर्च अवश्य होंगे जो अचानक से हो सकते हैं।
इस महीने के दौरान में शुक्र, बुध, सूर्य और मंगल के पंचम से निकलकर छठे भाव में जाकर द्वादश भाव को देखने से आमदनी में कुछ कमी और खर्चों में अधिकता होने की स्थिति बन सकती है इसलिए आपको अपनी आय और व्यय में संतुलन बैठाना होगा ताकि आर्थिक समस्याओं से बचा जा सके। महीने का पूर्वार्ध शेयर बाजार में निवेश करने के लिए अनुकूल साबित हो सकता है और उससे आपको धन लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।
पेट से जुड़ी समस्याएं भी आपको परेशान कर सकती हैं। इस दौरान बदहजमी होने, अपच, एसिडिटी, गैस की शिकायत भी परेशान कर सकती है इसलिए संतुलित मात्रा में भोजन करें और पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा करें जिससे स्वास्थ्य को लेकर चल रही समस्याएं दूर हो जाएं। महीने के उत्तरार्ध में चार ग्रह छठे भाव में भी चले जाएंगे जिससे शारीरिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
आपको मूत्र जनन नलिका में संक्रमण होने की स्थिति भी बन सकती है इसलिए अपनी सेहत का हर संभव ध्यान रखें। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक से संपर्क जरूर करें ताकि समय पर उपचार लेकर किसी गंभीर बीमारी को पनपने से बचाया जा सके और आप स्वस्थ एवं निरोगी जीवन व्यतीत कर सकें। स्वास्थ्य से संबंधित एक नई दिनचर्या अपनाना भी आपके लिए लाभदायक रहेगा।
जनवरी मासिक राशिफल 2026 के अनुसार, महीने के उत्तरार्ध में जब शुक्र, मंगल, बुध और सूर्य छठे भाव में चले जाएंगे और केवल बृहस्पति और शनि की दृष्टि पंचम भाव पर होगी, तब आपको अपने प्यार में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है और आपके प्रियतम से संबंध मधुर बनेंगे। विवाहित जातकों के लिए महीना ठीक-ठाक रहेगा लेकिन सप्तम भाव में राहु और अष्टम भाव में शनि के पूरे महीने बने रहने से तथा महीने के उत्तरार्ध में चार ग्रहों के छठे भाव में आ जाने से वैवाहिक संबंधों में कुछ तनाव और टकराव की स्थिति बन सकती है।
जीवनसाथी को स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं और ससुराल पक्ष से कहा सुनी होने के योग भी बन सकते हैं इसलिए इन परिस्थितियों में संयम से काम लें ताकि आपका रिश्ता अच्छे से चलता रहे।
इससे पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ने और क्लेश की स्थिति उत्पन्न होने के योग बन सकते हैं। पारिवारिक मुद्दों और संपत्ति तथा जमीन जायदाद को लेकर स्थितियां बिगड़ने की संभावना बन सकती है। आपकी माता जी के स्वास्थ्य में भी गिरावट आने की संभावना है। जिससे आपको उनकी चिंता भी होगी और उनके स्वास्थ्य को लेकर आप चिंतित तो रहेंगे। लेकिन आपका मन किसी काम में नहीं लगेगा। इससे आपको कई जगहों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है इसलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें और पारिवारिक मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करें।
महीने का पूर्वार्ध फिर भी कुछ हद तक अनुकूल रहेगा लेकिन उत्तरार्ध में परिस्थितियां बदल सकती हैं। भाई-बहनों से आपके संबंध मधुर रहेंगे और वे हर काम में आपकी मदद करेंगे लेकिन महीने के उत्तरार्ध में आप कुछ ऐसी बातें कह सकते हैं जो उन्हें बुरी लग जाएं जिससे आपके संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है इसलिए आपको संभल कर व्यवहार करना चाहिए।
रविवार के दिन श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी आपके लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो सकता है।
प्रतिदिन अपने पिता जी के चरण स्पर्श करें।
उदय होते हुए लाल रंग के सूर्य को नग्न आंखों से देखें और उन्हें जल अर्पित करें।
कन्या राशि
नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में अपने अनुभव और अपनी ईमानदारी का लाभ मिलेगा। नौकरी में सफलता मिलेगी और तरक्की होगी। व्यापार में भी लंबी सफलता के लिए बड़ी योजनाएं बनाने में कामयाबी मिलेगी। विदेशी धन से आपको अपने कामों को पूरा करने का मौका मिलेगा। विदेशी माध्यमों से लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक रहेगी।
महीने के उत्तरार्ध में आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। विद्यार्थी वर्ग को महीने की शुरुआत में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। उत्तरार्ध में एकाग्रता की समस्या से जूझना पड़ सकता है। सेहत से जुड़े मामलों में थोड़ी सी सावधानी बरतना आवश्यक होगा। पारिवारिक मामलों में महीने का पूर्वार्ध कमजोर लेकिन उत्तरार्ध अपेक्षाकृत अनुकूल रहने की संभावना है।
उसके बाद सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र महीने के उत्तरार्ध में आपके पंचम भाव में चले जाएंगे और छठे भाव के स्वामी शनि महाराज पूरे महीने सप्तम भाव में विराजमान रहेंगे जिससे आपको नौकरी बदलने में लाभ भी मिलेगा। साथ ही, नौकरी में उन्नति के योग भी बनेंगे। व्यापार करने वाले जातकों के लिए शनि देव का सप्तम भाव में विराजमान रहना अनुकूलता लेकर आएगा। आपको विदेशी माध्यमों से भी लाभ होगा।
अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करके आप अपने व्यापार को नई दिशा में आगे बढ़ाएंगे। कुछ नई दीर्घकालीन योजनाओं को शुरू करने के लिए यह उत्तम समय रहेगा क्योंकि आने वाले समय में उनसे आपके व्यापार को अच्छी गति मिलने के योग बनेंगे।
उसके बाद सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र महीने के उत्तरार्ध में पंचम भाव में बैठकर आपके एकादश भाव को देखेंगे और आपको एक से ज्यादा माध्यमों से धन प्रदान करने में मदद करेंगे। मंगल की अष्टम दृष्टि द्वादश भाव पर होने की वजह से आपको खर्चों में कटौती की सौगात मिल सकती है। इससे एक तरफ तो आपके खर्चों में कमी आएगी और दूसरी तरफ आपकी आमदनी लगातार बढ़ती चली जाएगी।
यह आपकी आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा समय कहा जा सकता है। महीने के उत्तरार्ध में धन निवेश करना आपके लिए उत्तम रहेगा। यदि आप शेयर बाजार में काम करते हैं या शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो उसके लिए भी यह महीना आपको सफलता दिला सकता है। हालांकि शेयर बाजार जोखिम से भरा हो सकता है इसलिए बाजार की चाल और अनुभवी व्यक्तियों की सलाह लेकर ही निवेश करना लाभदायक रहेगा।
महीने के उत्तरार्ध में मंगल महाराज भी जब पंचम भाव में बैठकर आपके द्वादश भाव में बैठे केतु महाराज पर अपनी दृष्टि डालेंगे तो मंगल और केतु के संयुक्त प्रभाव से आपकी शाला चिकित्सा होने की स्थिति बन सकती है। इसलिए आप यदि आप पहले से किसी समस्या से ग्रसित हैं जिसके लिए आपको शल्य चिकित्सा करने के लिए बोला गया है तो यह समय उचित रहेगा।
महीने के उत्तरार्ध में आप यह कार्य कर सकते हैं इसके अतिरिक्त शारीरिक चोट आदि के प्रति सतर्कता बढ़ाते हैं और वहां बेहद सावधानी से चलाएं सावधानी रखकर आप बहुत समस्याओं को होने से रोक सकते हैं। अपने खानपान पर ध्यान दें और बदलते मौसम में अपना ध्यान रखें।
इसके अतिरिक्त बृहस्पति की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी रहेगी। इन सभी को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि पारिवारिक संबंधों में हल्की-फुल्की छींटाकशी तो संभव है लेकिन आपस में प्रेम और स्नेह बना रहने के योग है। बुजुर्गों का सम्मान होगा, उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए परिवार के सभी सदस्य लालायित रहेंगे जिससे परिवार का माहौल सकारात्मक बना रहेगा। आपके भाई-बहनों से आपके संबंध मधुर रहेंगे। उनसे आपको लाभ भी मिलेगा और सुख की प्राप्ति होगी।
किसी पारिवारिक विवाद के सुलझने से भी घर में खुशहाली आएगी और सब एक-दूसरे से प्रेम करेंगे। आपको अपने भाई-बहनों की मदद से कोई संपत्ति अर्जित करने में सफलता मिल सकती है। ऐसे में उनसे संबंध मधुर बनाए रखना आपके लिए अत्यंत आवश्यक होगा। वह अपना प्रेम आपके ऊपर उड़ेलते हुए नजर आएंगे, उनके प्रेम की कद्र करें।
शुक्रवार के दिन माता महालक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप करना आपके लिए अत्यंत लाभदायक रहेगा।
शनिवार के दिन चीटियों को आटा डालना जीवन में अनुकूलता लेकर आएगा।
आपको श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ नियमित रूप से करना चाहिए।
तुला राशि
व्यापार करने वाले जातकों को कठिन प्रयास के बाद धीरे-धीरे सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी। पारिवारिक मामलों में समस्याओं में कमी आएगी लेकिन कुछ नीतिगत और संपत्ति वाले मुद्दे सिर उठा सकते हैं। प्रेम संबंधों के लिए महीना अनुकूल रहेगा और आप अपने प्रियतम के साथ प्यार भरे पल बिताने का लुत्फ उठाएंगे। विवाहित जातकों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। महीने के उत्तरार्ध में जीवनसाथी के नाम से कोई संपत्ति खरीद सकते हैं।
सेहत में स्थितियां कुछ हद तक ठीक रहेंगी। आपको अपने कंधों में या कान में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग के लिए यह महीना अच्छा है, अपनी ओर से सफलता प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास करते रहें।
नौकरी में स्थायित्व आने की स्थितियां बनेंगी और आप अपने आप को मजबूती से आगे बढ़ा पाएंगे। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र चौथे भाव में आकर दशम भाव को देखेंगे जिससे नौकरी में आपकी स्थिति तो अच्छी रहेगी लेकिन बीच-बीच में कुछ परिस्थितियों ऐसी होंगी जो आपका काम से ध्यान हटा सकती हैं, ऐसे में आपको ज्यादा तल्लीनता से काम करना होगा ताकि कोई समस्या सामने न आए।
व्यापार करने वाले जातकों को भी सावधानी रखनी होगी। सप्तम भाव के स्वामी मंगल महाराज महीने की शुरुआत में तो सूर्य, बुध और शुक्र के साथ तीसरे भाव में होंगे और उत्तरार्ध में आपके चतुर्थ भाव में आ जाएंगे जिससे व्यापार को लेकर उतार-चढ़ाव, भाग दौड़ और प्रयास ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगे। महीने के उत्तरार्ध में अपेक्षाकृत समस्याएं सुलझ जाएंगी और व्यापार में उन्नति होगी।
महीने के उत्तरार्ध में मंगल चौथे भाव में आकर एकादश भाव पर भी दृष्टि डालेंगे जिससे एक तरफ तो आमदनी बढ़ने के योग बनेंगे, दूसरा परिवार में कोई अचल संपत्ति खरीदने की स्थिति भी बन सकती है जिससे परिवार का सामाजिक दायरा मजबूत होगा। आर्थिक तौर पर यह महीना आपको अच्छी सफलता दे सकता है। आपको धैर्य के साथ सही निर्णय लेते हुए अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ना चाहिए जिससे आप धन का सदुपयोग कर पाएं और उसकी हानि को रोक सकें। शेयर बाजार में निवेश करने के लिए यह महीना अच्छा साबित हो सकता है इसलिए आपको किसी अच्छे विशेषज्ञ से सलाह लेकर और मार्केट की चाल को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।
इस दौरान यात्रा करते हुए सावधानी बरते क्योंकि इससे कंधों में चोट लगने की स्थिति बन सकती है और जोड़ों में दर्द हो सकता है। महीने के उत्तरार्ध में इन परिस्थितियों में बदलाव आएगा और स्वास्थ्य में चल रही समस्याएं खुद-ब-खुद दूर होंगी, मानसिक तनाव भी काम होगा और आप ज्यादा मजबूती के साथ अपने कामों को अंजाम तक पहुंचा पाएंगे। आपको आलस्य का परित्याग करना चाहिए और लगातार मेहनत करते रहना चाहिए और शरीर को थकाना चाहिए जिससे आपको रात को नींद भरपूर मात्रा में आए नहीं तो मोटापा बढ़ने के योग भी बन सकते हैं।
हालांकि अच्छी बात यह है कि आप जितना प्रयास करेंगे आपका रिश्ता उतना ही अधिक मजबूत होता जाएगा और आपके प्रियतम के दिल में आपके प्रति अच्छे भाव बढ़ते चले जाएंगे। उनका आप पर विश्वास भी बढ़ेगा। यदि आप एक विवाहित जातक हैं तो आपके लिए महीने की शुरुआत कमजोर रहेगी। सप्तम भाव के स्वामी मंगल महाराज तीसरे भाव में सूर्य, मंगल और शुक्र के साथ विराजमान रहेंगे जिससे आप और आपके जीवनसाथी के बीच अहम का टकराव और संघर्ष हो सकता है।
आपसी कहासुनी होने के प्रबल योग बनेंगे। हालांकि महीने के उत्तरार्ध में जब मंगल, बुध, शुक्र और सूर्य के साथ चतुर्थ भाव में डेरा जमाएंगे तब इन परिस्थितियों में कुछ हद तक कमी आएगी। आप कोई बड़ी संपत्ति भी खरीद सकते हैं लेकिन कुछ बातों को लेकर आप और आपके जीवनसाथी के मध्य तनाव बढ़ सकता है और कलहपूर्ण स्थितियां बन सकती हैं इसलिए इन बातों पर ज्यादा गौर न करें और प्रेम पूर्वक जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करें। आप अपने जीवनसाथी के नाम से कोई नया व्यापार शुरू कर सकते हैं।
संभव है कि महीने के उत्तरार्ध में आप परिवार में कोई बड़ी चल संपत्ति खरीद लें जिससे सभी को लाभ हो। इस दौरान माता-पिता का स्वास्थ्य महीने के पूर्वार्ध में कमजोर रह सकता है। आपको उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। महीने के उत्तरार्ध में माता जी के स्वभाव में कुछ उग्रता बढ़ सकती है लेकिन आपको उनसे प्रेम ही मिलेगा और लाभ भी मिल सकता है। भाई-बहनों के लिए समय उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। महीने की शुरुआत उनके लिए थोड़ी कमजोर रहेगी और उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ सकती है। स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है, लेकिन महीने का उत्तरार्ध उन्हें अच्छी सफलता प्रदान कर सकता है और चली आ रही समस्याओं में कमी आएगी।
आपको बुधवार को सायं काल के समय काले तिलों का दान किसी मंदिर में करना चाहिए।
आपको बुधवार के दिन गौ माता को हरा पालक अथवा हरा चारा खिलाना चाहिए।
आपको शनिवार के दिन पीपल वृक्ष के नीचे संध्या काल में सरसों अथवा तिल के तेल का एक दीपक जलाना चाहिए।
वृश्चिक राशि
आपके अंदर आध्यात्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का प्रभाव रहेगा। दीर्घकालीन योजनाएं बनाना आपको पसंद आएगा। जनवरी मासिक राशिफल 2026 के अनुसार, नौकरी करने वाले जातकों को थोड़ी सावधानी दिखानी होगी। आपका मन काम में काम लगेगा जिससे कुछ समस्याएं हो सकती हैं लेकिन आपके प्रयास बढ़ेंगे जो आपको सफलता देंगे। अपने सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार रखें। व्यापार करने वाले जातकों को महीने की शुरुआत में अच्छा लाभ होगा। महीने के उत्तरार्ध में यात्राएं करने से सफलता मिल सकती है।
विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में कुछ व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यदि आप नियमित और अनुशासित होकर पढ़ाई पर ध्यान देते हैं तो आपको उत्तम सफलता प्राप्त हो सकती है। जहां तक आपके स्वास्थ्य का प्रश्न है तो आपको अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि खानपान से ही संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं। आपको दांतों में या मुंह से संबंधित समस्याएं जैसे कि मुंह के छाले होना या मुंह आना जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पारिवारिक मामलों में थोड़ी सी सावधानी रखें और कड़वे वचन बोलने से बचें। वैवाहिक जातकों के लिए महीने की शुरुआत अच्छी रहेगी। रिश्ते में प्रेम और रोमांस रहेगा लेकिन उत्तरार्ध में कुछ संघर्ष की स्थिति आ सकती है। प्रेम संबंधी मामलों के लिए महीना सामान्य रहेगा। आप अपने प्यार को छुपाने की कोशिश करेंगे, उसे गोपनीय रखेंगे लेकिन अपने प्रियतम और रिश्ते के प्रति ईमानदारी बरतना आपके लिए अच्छा होगा।
आपका काम में मन नहीं लगेगा जिससे काम में गड़बड़ियां होने की स्थिति भी बन सकती है इसलिए आपको अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए और अपने काम को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देना होगा ताकि समस्याओं में कमी आए। महीने के उत्तरार्ध में सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार आपको कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाएगा। वे हर काम में आपकी मदद करेंगे, किसी से भी अहम का टकराव न होने दें, ऐसा करने से आपको ही लाभ होगा और आपकी नौकरी में स्थिति और अच्छी होगी तथा आपकी उत्पादकता भी बढ़ेगी।
यदि आप नौकरी बदलना चाहते हैं तो उसको गंभीरता से लें। इस महीने आपको सफलता मिल सकती है। व्यापार करने वाले जातकों के लिए यह महीना अच्छा रहेगा। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में दूसरे भाव में सूर्य, मंगल और बुध के साथ रहेंगे जिससे व्यापार में अच्छे लाभ होंगे। उसके बाद 13 तारीख से शुक्र तीसरे भाव में आ जाएंगे जिससे व्यवसायिक यात्राएं शुरू होने के योग बनेंगे। मार्केटिंग अच्छी हो, इस पर आपका विशेष ध्यान रहेगा और इसमें आपको सफलता भी मिलेगी जिससे व्यापार में उन्नति होगी। दीर्घकालीन योजनाएं आपके पक्ष में रहेंगी और उनसे आपका व्यापार उन्नति करेगा।
आपके ससुराल में भी किसी के विवाह या जन्मदिन के लिए जाकर अच्छा खासा खर्च करना पड़ सकता है लेकिन आपकी आमदनी बढ़िया रहेगी। धन लाभ होगा योजनाओं में सफलता मिलेगी। जिससे धन संचित करने का मौका भी मिलेगा। हालांकि महीने के उत्तरार्ध में जब 13 तारीख को शुक्र 14 तारीख को सूर्य 16 तारीख को मंगल और 17 तारीख को तीसरे भाव में आ जाएंगे। तब आपको शेयर बाजार में निवेश करने के लिए सोचना चाहिए ।यदि आप निवेश करना चाहते हैं तो आपको दीर्घकालीन निवेश पर ही ध्यान देना चाहिए। परंपरागत तरीकों से निवेश करना ही आपके लिए लाभदायक रहेगा। महीने के पूर्व में व्यापार से भी अच्छा धन लाभ हो सकता है।
इससे आपको लाभ होगा और आपके सभी काम बनेंगे। महीने के उत्तरार्ध में जब चार ग्रह आपके तीसरे भाव में होंगे उसे दौरान कंधों में और कान में कोई समस्या भी आ सकती है इसलिए अपनी निजी स्वच्छता पर ध्यान दें और यदि आपको कोई समस्या महसूस हो रही है तो चिकित्सक से संपर्क करें इसमें कोई भी कोताही ना बरतें क्योंकि कोई भी कोताही बरतना आपके लिए नुकसानदायक रहेगा।
वैसे महीने के अवतार में आप अपनी स्वास्थ्य समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देंगे और खुद को तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए नई दिनचर्या अपना सकते हैं। नियमित रूप से व्यायाम करना भी आपको पसंद आएगा। आप योगाभ्यास भी कर सकते हैं।
विवाहित जातकों की बात करें तो सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में दूसरे भाव में सूर्य मंगल और बुध के साथ विराजमान होंगे जो महीने के उत्तरार्ध में तीसरे भाव में आ जाएंगे। इससे आप और आपके जीवनसाथी के बीच प्रेम और रोमानियत भरे पल बिताने का मौका मिलेगा। आपसी समन्वय मजबूत होगा। जीवनसाथी के माध्यम से धन लाभ होगा लेकिन महीने के उत्तरार्ध में संघर्ष की स्थिति बनेगी। हम का टकराव होने से रोकेंगे तो आपका रिश्ता अच्छा रहेगा।
ऐसे में आपको वाणी की कठोरता से बचना चाहिए और सभी के साथ अच्छा व्यवहार करने पर ध्यान देना चाहिए जिससे परिवार का माहौल सकारात्मक बना रहे। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र चारों ग्रह आपके तीसरे भाव में चले जाएंगे जिससे भाई-बहनों को लेकर कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती है।
आपको उनसे मधुर संबंध बनाए रखने पर ध्यान देना होगा। चौथे भाव के स्वामी शनि महाराज पांचवे भाव में विराजमान रहेंगे और चौथे भाव में पूरे महीने राहु महाराज विराजमान रहेंगे जिससे माताजी से आपकी कहासुनी होने के योग बन सकते हैं, उनसे प्रेम पूर्वक बर्ताव करें जिससे आपका रिश्ता अच्छे से चलता रहे और परिवार में सुख शांति बनी रहे।
बृहस्पतिवार के दिन केले के वृक्ष को जल अर्पित करें।
बृहस्पतिवार के ही दिन पीपल का वृक्ष लगाना आपके लिए परम लाभदायक रहेगा।
सोमवार के दिन शिव जी के मंदिर जाकर रुद्राभिषेक करें।
धनु राशि
कार्य क्षेत्र में आपकी मेहनत बढ़ेगी नौकरी में मेहनत का लाभ भी मिलेगा। महीने का उत्तरार्ध नौकरी में सफलता लाएगा। व्यापार के उद्देश्य से किए गए प्रयास सफल होंगे और आपको कुछ ज्यादा प्रयास करने के बाद और अच्छी सफलता मिल सकती है। आर्थिक तौर पर महीने का उत्तरार्ध अनुकूल रहेगा और धन लाभ के योग बनेंगे।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आपको बहुत ज्यादा सावधानी रखने की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं। प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह महीना मध्य रहने वाला है जबकि वैवाहिक संबंधों में उतार-चढ़ाव रहने के प्रबल योग बन सकते हैं। यदि विद्यार्थियों की बात करें तो आपको अपनी एकाग्रता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। ताकि आप पढ़ाई को अच्छे से कर पाए। इस महीने पारिवारिक जीवन में भी आपकी भागीदारी आवश्यक होगी।
नौकरी में आपकी स्थिति मजबूत बनेगी और आपके कार्यक्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित करने का मौका भी मिलेगा। आपके वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग आपको प्राप्त होगा। जिस नौकरी में आपका वर्चस्व बढ़ेगा, लेकिन कुछ विरोधी भी आपका ध्यान को भड़काने का काम करेंगे। जिससे कुछ समय के लिए आप असहज होंगे, लेकिन आप पुनः उन पर विजय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ पाएंगे। व्यापार करने वाले जातकों को अपनी मेहनत का लाभ मिलेगा। सप्तम भाव में पूरे महीने वक्री बृहस्पति रहेंगे जो आपसे बार-बार मेहनत और प्रयास करवाएंगे। लेकिन उन प्रयासों का आपको लाभ भी मिलेगा और व्यापार में उन्नति भी होगी।
महीने के उत्तरार्ध में जब बुध ग्रह जो सप्तम भाव और दशम भाव के स्वामी है दूसरे भाव में चले जाएंगे तब व्यापार में धन लाभ होने के अच्छे योग बनेंगे और परिवार के लोगों का सहयोग भी मिलेगा।
कई सारी योजनाओं से आपके पास धन प्राप्ति के योग बनेंगे। आपके पास एक से ज्यादा साधनों से धन आएगा। जिसको आप कहीं ना कहीं अच्छे से निवेश करेंगे और बाद में इसका और अच्छा लाभ उठा पाएंगे। आपको अपनी परियोजनाओं पर ध्यान देना होगा। शेयर बाजार में पूर्व में किए गए निवेश से इस दौरान आपको बड़ा प्रतिफल प्राप्त हो सकता है। जिसको दोबारा निवेश करने में आप सफल होंगे और भविष्य में दीर्घकालीन लाभ के योग बनेंगे। महीने के उत्तरार्ध में व्यापार और नौकरी से भी अच्छे धन लाभ के योग बन सकते हैं। विदेशी माध्यम से धन प्राप्त हो सकता है।
उसके बाद यही सूर्य मंगल बुध शुक्र चारों ग्रह आपके दूसरे भाव में चले जाएंगे। जिससे खान-पान से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान करेंगे। दांतों में दर्द के चले आदि भी परेशानी का कारण बन सकते हैं। इस पूरे महीने आपको अच्छा खान-पान रखना है ताकि आपका शरीर अच्छा बना रहे।तीसरे भाव में राहु आपको बीमारियों से लड़ने और उनसे जितने में सफलता प्रदान कर सकते हैं। आपको अपनी दिनचर्या को भी और बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। शारीरिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाने के लिए आपको नियमित योगाभ्यास और व्यायाम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। क्योंकि इससे आपको बेहतर लाभ होगा और आप अच्छे स्वास्थ्य के मालिक बन पाएंगे।
विवाहित जातकों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है क्योंकि बृहस्पति महाराज वक्री अवस्था में सप्तम भाव में विराजमान रहेंगे और महीने की शुरुआत में उन पर सूर्य मंगल बुध शुक्र का प्रभाव होगा। इन परिस्थितियों में एक दूसरे को बराबर सम्मान दे। महीने के उत्तरार्ध में स्वास्थ्य समस्याएं जीवनसाथी को परेशान कर सकती हैं। उनका ध्यान रखें और उनकी बातों को अच्छे से सुने आपका रिश्ता खूबसूरत हो जाएगा।
माताजी को स्वास्थ्य समस्याएं भी पीड़ित कर सकती हैं ऐसे में आपके लिए स्थितियों को समझकर ही व्यवहार करना उचित होगा। 13 तारीख से शुक्र 14 तारीख से सूर्य 16 तारीख से मंगल और 17 तारीख से बुध आपके दूसरे भाव में प्रवेश कर जाएंगे। इस प्रकार चार ग्रहों का प्रभाव दूसरे भाव में होने से कुटुंब के लोगों में आपस में कुछ विरोधाभास हो सकता है कुछ अच्छे कार्यक्रम भी संपन्न हो सकते हैं, जिसमें परिवार के लोग को का आना-जाना होगा और अतिथि भी आएंगे। जिससे घर में खुशियां भी होगी। लेकिन बीच-बीच में विरोधाभास भी जन्म लेंगे, जो आपस में लड़ाई झगड़े को जन्म दे सकते हैं। ऐसे में शांत रहना अच्छा रहेगा। तीसरे भाव में राहु की उपस्थिति रहेगी। आप अपने भाई बहनों के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहेंगे और उनसे आपके संबंध मधुर बनेंगे।
इसके अतिरिक्त बृहस्पतिवार के ही दिन विद्यार्थियों को पठन-पाठन से संबंधित सामग्री भेंट करें।
आपको रविवार के दिन श्री सूर्याष्टक का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार के दिन हनुमान जी की उपासना करना आपके लिए बेहद अनुकूलता लेकर आएगा।
मकर राशि
व्यापार करने वाले जातकों के लिए महीना मध्यम रहेगा लेकिन विदेशी माध्यमों से व्यापार को सफलता मिलेगा। पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल के बाद धीरे-धीरे सामंजस्य स्थापित होने के योग बन सकते हैं। यदि विद्यार्थियों की बात की जाएगी तो उन्हें विदेश जाकर पढ़ने का मौका महीने के पूर्वार्ध में मिल सकता है लेकिन उत्तरार्ध में स्थितियां कुछ चुनौती पूर्ण हो सकती हैं।
प्रेम संबंधी मामलों के लिए महीना ठीक-ठाक रहेगा। अपने रिश्ते को संभालने के लिए आपको बहुत सारे प्रयास तो करने ही पड़ेंगे। भाई बहनों से समन्वय बना रहेगा। वैवाहिक संबंधों के लिए महीना कमजोर हो सकता है और जीवनसाथी से कहा सुनी होने के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में सावधानी बरतनी होगी। विशेष रूप से महीने का पूर्वक कमजोर रहने की संभावना है।
आपको आर्थिक लाभ भी मिलेंगे। आप यदि किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत है तो आपके लिए यह महीना बहुत लाभदायक साबित हो सकता है और आपको पदोन्नति भी मिल सकती है। साथ ही, मनचाहा तबादला भी हो सकता है। व्यापार करने वाले जातकों के लिए भी यह महीना मध्यम रहने की संभावना है, लेकिन विदेशी माध्यम से व्यापार में सफलता मिलने के प्रबल योग बनेंगे।
छठे भाव में बैठे वक्री बृहस्पति भी द्वादश भाव को देखेंगे जिससे आपको खर्चे बार-बार करने की स्थिति बनेगी। वही अष्टम भाव में बैठे केतु महाराज भी आर्थिक स्थिति को परेशानी में डाल सकते हैं लेकिन बृहस्पति की दृष्टि दूसरे भाव पर भी होगी जिससे कुछ विवाद जैसी स्थितियों से भी आपको धन लाभ होने के योग बनेंगे। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र आपके प्रथम भाव में आ जाएंगे और द्वादश भाव से बाहर निकल जाएंगे। तब आपके खर्चों में कमी आएगी और आपकी आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे उन्नत होने लगेगी। वहीं शनि देव की कृपा भी आपको अपने धन का सही प्रबंधन करने पर ध्यान देने योग्य बनाएगी और आपकी आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे संभालने लगेगी। आप वित्तीय योजनाओं को सोच समझकर बनाएंगे जिससे आपको लाभ होगा।
इसके अतिरिक्त विशेष रूप से पंचम भाव पर शनि देव की दृष्टि होगी और बृहस्पति वक्री अवस्था में छठे भाव में होंगे। जिससे पेट से जुड़ी समस्याओं के प्रति आपको विशेष रूप से सावधानी बरतने की आवश्यकता पड़ेगी। जरा सी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना आपके लिए लाभदायक रहेगा। क्योंकि ऐसा करने से कोई बड़ी समस्या की चपेट में आने से आप बच सकते हैं। आपको शारीरिक दिनचर्या में बदलाव लाने की आवश्यकता है शरीर को पर्याप्त आराम भी दें लेकिन सुबह की सैर अथवा साइकिल चलाने की आदत डालें। इससे आपको बहुत लाभ होगा और आपका स्वास्थ्य है पीड़ित होने से बच जाएगा और आप तंदुरुस्त जीवन जी पाएंगे।
दूसरी तरफ आपकी प्रियतम की वाणी आपको अपना बनाएगी। आप उनकी ओर खिंचे चले जाएंगे। महीने के उत्तरार्ध में शुक्र के 13 तारीख को प्रथम भाव में आ जाने से आपके दिल में प्यार की भावनाएं और उमड़ेंगी। जिससे आपका रिश्ता और रूमानियत से भर जाएगा। यदि वैवाहिक संबंधों की बात की जाए तो आपके लिए महीने की शुरुआत कठिन हो सकती है और जीवनसाथी को स्वास्थ्य समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं।
सप्तम भाव के ऊपर द्वादश भाव में बैठे मंगल महाराज की दृष्टि पति पत्नी के बीच लड़ाई झगड़े को जन्म दे सकती है और महीने के उत्तरार्ध में भी सूर्य मंगल जैसे ग्रहों का प्रभाव सप्तम भाव पर होने से पूरे महीने से आपको अपने रिश्ते के प्रति जिम्मेदारी दिखानी होगी तभी आपका रिश्ता संभाल पाएगा।
पारिवारिक संपत्ति में इजाफा होने के योग बनेंगे। आपका परिवार कोई नया घर या नई संपत्ति खरीदने में कामयाब हो सकते हैं। जिससे घर में खुशियां भी आएंगी। तीसरे भाव में शनि देव महाराज रहेंगे, जो आपसे लगातार मेहनत करवा सकते हैं। भाई बहनों से आपके संबंध अच्छे रहेंगे, लेकिन तीसरे भाव के स्वामी बृहस्पति के छठे भाव में होने से भाई-बहनों से कुछ बातों को लेकर अनबन भी हो सकती है या मतभेद होने के योग भी बन सकते हैं इसलिए आपको थोड़ी सी सावधानियां तो बरतना ही होगा। इस अवधि जीवनसाथी से अच्छे और मधुर संबंध बनाए रखने पर ध्यान देना होगा। उनको आपकी मदद की दरकार होगी तो आपको उनकी मदद भी करनी होगी।
आपको गणेश जी की उपासना करनी चाहिए और उन्हें दूर्वा अर्पित करना चाहिए।
आपके लिए सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना लाभदायक रहेगा।
बुधवार के दिन गौ माता की सेवा करें।
कुंभ राशि
नौकरी करने वाले जातकों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छे संबंध स्थापित करने पर ध्यान देना होगा नहीं तो समस्याएं बढ़ सकती हैं। व्यापार में छोटी-मोटी समस्याओं के बावजूद तरक्की मिलने के योग बनेंगे। विदेशी माध्यमों से भी लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मिल-जुल असर देखने को मिलेगा आपको अपने रिश्ते को संभालने के लिए पुरजोर प्रयास करने होंगे। वैवाहिक संबंधों में तल्ख़ियां बढ़ सकती हैं। लेकिन छोटे-मोटे रूमानियत भरे पल भी आएंगे। लंबी यात्राओं के योग बनने की स्थिति बन सकती है। आप विदेश जाने में भी कामयाबी हासिल कर सकते हैं।
आपको महीने के उत्तरार्ध में जब मंगल 16 तारीख से आपके द्वादश भाव में जाकर उच्च के हो जाएंगे तो आपको नौकरी के सिलसिले में विदेश जाने का मौका भी मिल सकता है और लंबी यात्राओं के योग भी बनेंगे। इससे आपके करियर में सफलता मिलने की स्थिति बनेगी। व्यापार करने वाले जातकों को छोटी-छोटी समस्याएं सामने आएंगे। कई बार प्रयास करने होंगे क्योंकि सप्तम भाव में केतु बैठे हैं जो आपके प्रयासों को बढ़ाएंगे लेकिन विदेशी माध्यमों से व्यापार में अच्छा लाभ होने के योग बन सकते हैं।
यदि आपने किसी बचत योजना में या किसी चिटफंड में भी धन लगाया हुआ था तो वहां से भी धन आने के योग बनेंगे। कुछ अप्रत्याशित लाभ भी प्राप्त हो सकता है। यहां तक कि यदि आपका धन कहीं फंसा हुआ था तो वह भी वापस आने के योग बन सकते हैं। इस प्रकार महीने का पूर्वार्ध आपको हर तरह से धन लाभ दिला सकता है, लेकिन महीने के उत्तरार्ध में जब 13 तारीख को शुक्र 14 तारीख को सूर्य 16 तारीख को मंगल और 17 तारीख को बुध आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे तो इन चार ग्रहों का प्रभाव द्वादश भाव में होने से आपके खर्चों में यकायक बढ़ोतरी हो जाएगी। इस पर आपको ध्यान देना होगा नहीं तो समस्या बढ़ सकती है और आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती है। हालांकि बृहस्पति और शनि की कृपा से धन प्राप्त होता रहेगा और विदेशी माध्यमों से भी कुछ धन प्राप्त हो सकता है। यदि आप बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करते हैं या उनसे जुड़े हुए हैं तो आपको विशेष लाभ हो सकता है।
आपकी थोड़ी सी भी लापरवाही आपको बीमार बना सकती है इसलिए खुद को नियंत्रित रखें और अनुशासित जीवन व्यतीत करें। आपकी राशि में राहु महाराज की उपस्थिति रहेगी, जिसके परिणाम स्वरूप आपको सही निर्णय लेने में समस्या होगी। आप बाहर की चीजें ज्यादा खाना पसंद करेंगे और यही आपकी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसलिए अपने खान-पान को विशेष रूप से नियंत्रित रखें ऐसा करना आपके लिए बेहद आवश्यक होगा।
लेकिन बीच-बीच में कुछ कहा सुनी होने की स्थिति भी बन सकती है। महीने के उत्तरार्ध में सूर्य मंगल बुध शुक्र द्वादश भाव में चले जाएंगे। जिससे अकेले बृहस्पति का प्रभाव पंचम भाव पर होने से आप अपने प्यार को संभालने के भरपूर प्रयास करेंगे और इसका आपको फायदा मिलेगा। आपकी प्रियतम की आपसे नजदीकियां बढ़ेगी और आपका रिश्ता बेहतर होगा। विवाहित जातकों के लिए यह महीना कुछ कठिन चुनौतियां लेकर आ सकता है क्योंकि पूरे महीने केतु महाराज आपके सप्तम भाव में बैठेंगे।
सप्तम भाव से अष्टम भाव में शनि महाराज विराजमान रहेंगे और सप्तमेश सूर्य महीने की शुरुआत में एकादशी भाव में और महीने के उत्तरार्ध में 14 तारीख से आपके द्वादश भाव में जाएंगे। जिससे वैवाहिक संबंधों में उथल-पुथल और कहा सुनी होने के योग बनेंगे। इस महीने आपके जीवनसाथी को स्वास्थ्य समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। इसलिए उनका ध्यान रखें। हालांकि उनके साथ मिलकर आप धन कमाने में सफल होंगे। एक दूसरे को अच्छा सम्मान दें और एक दूसरे की अहमियत को समझें।
दूसरे भाव के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में एकादश भाव में सूर्य मंगल बुध के साथ होंगे और महीने के उत्तरार्ध में यानी की 13 तारीख से आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे। जिससे परिवार में कुछ समरसता बढ़ेगी। परिवार में संपत्ति क्रय विक्रय करने का योग भी बन सकता है। विदेशी माध्यम से परिवार में धन लाभ होने के योग बन सकते हैं। आपके भाई बहनों से आपके संबंध महीने के पूर्वाद में अनुकूल रहेंगे। वह आपकी आर्थिक मदद भी करेंगे और आर्थिक मामलों में आपकी सही सलाह भी देंगे। यदि आवश्यक होगा तो आपको आर्थिक सहायता भी देंगे लेकिन महीने के उत्तरार्ध में उनके विदेश जाने के योग बनेंगे। जिससे आपको कुछ समय के लिए उनसे दूरी महसूस हो सकती है लेकिन आपका प्रेम उनसे बढ़ेगा।
बुधवार के दिन गौ माता को हरा चारा अवश्य खिलाएं।
शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लें।
माता महालक्ष्मी जी के बीज मंत्र का जाप करना आपके लिए परम लाभदायक साबित होगा।
मीन राशि
प्रेम संबंधी मामलों के लिए यह महीना थोड़ा कमजोर रहने की संभावना है। आपको अपनी ओर से अपने रिश्ते को संभालने का प्रयास करना चाहिए। जहां तक विवाहित जातकों का संबंध है तो जीवनसाथी कामकाजी हैं तो आपके बीच सबको अच्छा चलेगा। नहीं तो बीच-बीच में कुछ दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
सेहत के मामले में मुख्य रूप से यह महीना ठीक-ठाक रहने की संभावना है। लेकिन राहु के द्वादश भाव में होने से कुछ समस्याएं हो सकती हैं। आर्थिक मामलों के लिए यह महीना अच्छा रहेगा। कुछ खर्च रहेंगे लेकिन आमदनी भी अच्छी होगी। विद्यार्थी वर्ग के लिए महीना मेहनत से आगे बढ़ाने में सफलता प्रदान करने वाला साबित होगा। पारिवारिक जीवन में कभी खुशी कभी गम जैसी स्थिति रह सकती है।
अपने वरिष्ठ अधिकारियों से भी अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास करें क्योंकि उनसे कहा सुनी हो सकती है और ऐसा होना आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। महीने के उत्तरार्ध में जब सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र आपके एकादश भाव में चले जाएंगे और केवल बृहस्पति और शनि की दृष्टि आपके दशम भाव पर होगी उस दौरान आपको नौकरी बदलने का शुभ अवसर मिलेगा। इसके अलावा, कोई अच्छी सूचना कार्यक्षेत्र से संबंधित आपको मिल सकती है और आपका वेतनमान में बढ़ोतरी हो सकती है। व्यापार करने वाले जातकों को महीने के उत्तरार्ध में विशेष लाभ मिलने के योग बनेंगे। आपके व्यापार में उन्नति होगी नई योजनाएं सिरे चढ़ेंगी जिससे आपको लाभ होगा और आपके व्यापार के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे।
13 तारीख से शुक्र आपके एकादश भाव में चले जाएंगे जो आपकी आमदनी में बढ़ोतरी करेंगे। उसके पीछे-पीछे 14 तारीख को सूर्य 16 तारीख को मंगल और 17 तारीख को बुध भी एक आदर्श भाव में चले जाएंगे। इस प्रकार चार ग्रहों का प्रभाव आपकी आमदनी के भाव में होगा। यहां पर मंगल दूसरे भाव के स्वामी भी हैं, जो एकादश भाव में बैठकर दूसरे भाव को देखेंगे। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति सुधर होगी।
आपकी धन प्राप्ति के योग अच्छे बनेंगे। धन लाभ होगा और धन संचित करने में भी आप कामयाब रहेंगे। शुक्र जो कि आपका अष्टम भाव के स्वामी भी हैं और तीसरे भाव के स्वामी भी हैं वह आपके एक आदर्श भाव में जाएंगे। जिससे एक तरफ तो निज प्रयासों से और मेहनत से आपको लाभ होगा तो वहीं दूसरे और कुछ अप्रत्याशित लाभ भी हो सकते हैं। इस प्रकार महीने के उत्तरार्ध में आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनेगी।
पुरानी कोई बीमारी चली आ रही है तो उससे भी आप बाहर निकलेंगे। छठे भाव में बैठे केतु के कारण बड़ी आंत से संबंधित कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखने के लिए अच्छा भोजन ग्रहण करें, जो आपके पेट को हल्का रखें और कोई संक्रमण न होने पाए।
आप खुद ही जागरूक रहकर अपनी स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं और स्वयं को तंदुरुस्त बना सकते हैं। इस महीने आप चाहे तो स्वास्थ्य के ऊपर निवेश कर सकते हैं और कुछ नए साधन जुटा सकते हैं जो आपकी स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद कर सकें चिकित्सा के अनुसार कुछ खाने पीने की चीज खरीदने के लिए भी अच्छा समय है।
यदि आप विवाहित जातक हैं तो आपके लिए महीना मध्यम रह सकता है। सप्तम भाव पर पूरे महीने शनि महाराज की दृष्टि बनी रहेगी। वहीं सप्तम भाव के स्वामी बुध महाराज महीने की शुरुआत में दशम भाव में और उत्तरार्ध में यानी की 17 तारीख से आपके एकादश भाव में चले जाएंगे। जिससे जीवनसाथी के कामकाजी होने पर आप सभी दोनों के बीच काफी कुछ अच्छा रहेगा। धन लाभ के योग भी बनेंगे। आर्थिक उन्नति भी होगी लेकिन यदि जीवनसाथी कामकाजी नहीं हैं तो छोटी-छोटी बातों पर तल्खियां बढ़ सकती हैं। जिनके प्रति आपको सावधानी बरतनी होगी और अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए बार-बार अपने जीवनसाथी से बातचीत करते हुए मामले को संभालना होगा। तभी आप एक अच्छे वैवाहिक जीवन का लुत्फ उठा पाएंगे।
एक दूसरे का सम्मान करेंगे और परिवार की उन्नति के लिए एक दूसरे का सहयोग करेंगे। परिवार की आर्थिक आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी और परिवार में कोई नई संपत्ति खरीदने के योग भी बन सकते हैं। तीसरे भाव के स्वामी शुक्र महाराज भी इसमें शामिल होंगे और शनि महाराज प्रथम भाव में बैठकर तीसरे भाव को देखेंगे।
जिससे भाई बहनों का सहयोग आपको बराबर मिलता रहेगा और उनसे आपके संबंध मधुर रहेंगे। बीच-बीच में कुछ विषयों पर आपके बीच मतभेद हो सकता है लेकिन उसे मनभेद न बनने दें और एक दूसरे पर भरोसा रखते हुए अपने रिश्ते को बेहतर बनाने का प्रयास करें। आपके भाई बहनों को भी धन लाभ के योग महीने के उत्तरार्ध में बन सकते हैं।
आपको मंगलवार के दिन श्री बजरंगबली जी की पूजा करनी चाहिए।
मंगलवार के दिन ही छोटे बच्चों को गुड़ और चने का प्रसाद बांटना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
बृहस्पतिवार के दिन श्री राम नाम का जाप करना अत्यंत फलदायक साबित होगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
05 फरवरी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है।
फरवरी 2026 की शुरुआत 01 फरवरी को चतुर्दशी तिथि पर पुनर्वसु नक्षत्र में होगी।
17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या का व्रत है।

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